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जेल वार्डन के पास से 315 नशीली गोलियां बरामद

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कैथल। जिला जेल में तैनात एक जेल वार्डन से पुलिस ने 315 नशीली गोलियां बरामद की हैं। आरोप है उसने ड्यूटी के दौरान ये गोलियां अंदर फेंक दी थीं, जिसे दूसरे कर्मचारियों ने देख लिया। बाद में गोलियां बरामद कर ली गईं। गोलियों पर कोई लेबल न होने के कारण इनकी पहचान के लिए सैंपल मधुबन लैब भेजे गए हैं। गोलियां प्रतिबंधित पाई गईं तो जेल वार्डन के खिलाफ ओर भी सख्त कार्रवाई तय है। फिलहाल पुलिस ने जेल वार्डन के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
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जेल डीएसपी सुरेंद्र कुमार ने सिटी थाने को पत्र लिखा था। उसमें बताया गया था कि दो जून को शाम छह बजे से रात के 10 बजे तक वार्डन सुरेश कुमार की ड्यूटी बुर्ज नंबर चार पर लगी थी। रात के 10 बजे से सुबह के दो बजे तक वार्डर सुरेश की ड्यूटी अंदरुनी कोर्ट गश्त पर थी। आरोपी सुरेश ने अपनी छह से 10 बजे वाली ड्यूटी में बुर्ज से पॉलीथीन में बंधी 315 नशीली गोलियां नीचे फेंक दी। इसके बाद आरोपी सुरेश ने 10 से दो बजे वाली ड्यूटी दौरान उन गोलियों को उठा कर महिला ब्लॉक के पीछे बने मंदिर के पास पाइप में छुपा दी। प्रवक्ता ने बताया कि उसे ऐसा करते हुए जेल के अन्य कर्मचारियों ने देख लिया तथा उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाकर जब पोलिथीन की तलाशी ली गई तो 315 नशीली गोलियां बरामद हुई थीं।
प्रवक्ता ने बताया कि थाना शहर में सूचना मिलने बाद थाना शहर से एएसआई शीशपाल की टीम ने मौके पर पहुंच कर कागजी कार्रवाई कर थाना शहर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया गया। गोलियां खुली होने के कारण तथा उन पर कोई लेबल नहीं लगा होने के कारण गोलियां नशीली प्रतिबंधित है या नहीं, इनके सैंपल मधुबन भेज कर रिपोर्ट प्राप्त की जाएगी। मधुबन एक्सपर्ट से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। हालांकि जेल में एक बड़ी मात्रा में गोलियां मिलना दर्शाता है कि गोलियां जेल में भी जरूर सप्लाई होती होगी। सब इंस्पेक्टर महाबीर सिंह ने बताया कि जेल वार्डन के खिलाफ फिलहाल केस दर्ज कर लिया है।
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