राज्य सतर्कता ब्यूरो अंबाला के अधीन आने वाले तीन जिलों में भ्रष्टाचार के मामले में कैथल नंबर वन रहा है। यहां विभिन्न सरकारी कर्मियों पर आठ केस दर्ज किए गए। इसी क्रम में अंबाला छह मामलों के साथ दूसरे व पांच मामलों के साथ कुरुक्षेत्र तीसरे स्थान पर रहा।
पिछले करीब साढ़े तीन साल में विजिलेंस ने कुल 19 लोगों को रंगेहाथ काबू किया। इस दौरान खाकी पर सबसे ज्यादा छह दाग लगे, चार पटवारियों के हाथ भी ‘लाल’ हुए। इनमें से नाममात्र केसों की जांच बकाया है जबकि अन्य केस कोर्ट में विचाराधीन हैं।
2018 से 2021 के आंकड़े
2018 में अंबाला मंडल विजिलेंस ने पांच केस दर्ज किए। इनमें तीन कैथल और अंबाला और कुरुक्षेत्र में एक-एक मामला दर्ज हुआ। इनमें तीन पुलिस कर्मी, एक बिजली निगम और एक आबकारी विभाग का कर्मी फंसा।
2019 में दर्ज छह केसों में से तीन कुरुक्षेत्र और तीन अंबाला के थे। इनमें पुलिस विभाग के दो, एक सहकारी समिति कर्मी, एक प्राइवेट ठेकेदार और एक कृषि विभाग का कर्मी था। बीते वर्ष कैथल में बिजली निगम, पुलिस विभाग और पटवारी पर केस दर्ज हुआ। इस साल अब तक दर्ज भ्रष्टाचार के पांच मामलों में तीन कैथल और दो अंबाला के मामले हैं। इस दौरान तीन पटवारी, एक निगम कर्मी अैर प्राइवेट ठेकेदार पर शिकंजा कसा गया।
विजिलेंस विभाग भ्रष्टाचारियों को पकड़ने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। सरकारी कार्यालयों के बाहर इस बारे में बाकायदा बोर्ड लगाए गए हैं ताकि लोग रिश्वत मांगने वालों के बारे विजिलेंस से संपर्क करें। कार्रवाई के लिए संबंधित नागरिकों का आगे आना जरूरी है। जैसे ही कोई शिकायत आती है, शिकायतकर्ता का नाम गुप्त रखकर उचित कार्रवाई की जाती है। नागरिकों से आग्रह किया कि वे भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए विभाग को सहयोग करें। - अशोक कुमार, डीआईजी विजिलेंस, अंबाला मंडल।