एक नवंबर तक हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के पास सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों की तरफ से क्लर्कों समेत क्लास तीन के रिक्त पद भरने के लिए आग्रह पत्र न भेजने से मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा नाराज हैं।
उन्होंने छुट्टी वाले दिन दिवाली से एक दिन पहले 2 नवंबर को कैंप आफिस में अफसरों की बैठक बुलाई और आयोग को फौरन पत्र भेजने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने गत 14 अक्तूबर को अपने दफ्तर में प्रशासनिक सचिवों की बैठक ली थी। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए थे कि क्लर्कों, स्टेनो टाइपिस्टों को छोड़ अन्य सारे पदों पर भर्ती के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के पास आग्रह पत्र फौरन भेजा जाए।
मगर आयोग के सचिव ने जानकारी दी है कि कुछ ने गलत जानकारी भेजी और कुछ ने पत्र भेजा ही नहीं। एससी, बीसी और पूर्व सैनिकों के बैकलॉग की भर्ती के लिए आयोग के पास आग्रह पत्र फौरन भेजा जाए मगर किसी ने भी नहीं भेजा।
क्लर्कों, स्टेनो टाइपिस्टों के पदों के लिए सर्विस रूल्स में एक नवंबर तक संशोधन करने थे। इसके लिए विधि परामर्शी से उसे स्वीकृत कराने थे ताकि 7 नवंबर तक आयोग के पास आग्रह पत्र भेजे जा सकें।
कुछ प्रशासनिक सचिवों ने कहा कि संशोधन के लिए विधि परामर्शी के पास रूल्स भेजे मगर सामान्य प्रशासन के स्पष्टीकरण के अभाव में विधि परामर्शी के पास वे लंबित हो गए।
दो साल से पुराने रिक्त पदों को वित्त विभाग से एक ही पत्र के जरिए भरने की अनुमति देने का फैसला हुआ था मगर पत्र जारी नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री आवास पर 2 नवंबर को हुई बैठक में मुख्य सचिव ने विभागाध्यक्षों को बैठक से बाहर चले जाने को कहा। जब वे बाहर चले गए तो मुख्य सचिव ने नाराजगी जताकर कहा कि प्रशासनिक सचिव इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
सारे विभाग जल्द से जल्द आग्रह पत्र भेज दें ताकि 10 दिन के भीतर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग विज्ञापन जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दे। अगर इसमें कोताही हुई तो प्रशासनिक सचिव जिम्मेवार होंगे। उन्होंने समीक्षा के लिए 8 नवंबर को बैठक बुलाई है।