जींद। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वह अपने जीवन में नशे के लिए न कहने का साहस दिखाएं। अगर आप किसी को नशे की गिरफ्त में देखें तो उससे दूरी बनाने के बजाय उसे सहयोग दें, उसे सही रास्ते पर लाने का प्रयास करें। सामाजिक बदलाव की शुरुआत घर से होती है। हम सब मिलकर अपने-अपने घरों से शुरुआत करें। उन्होंने कहा कि स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम हों, पंचायतें, नगर निगम और स्थानीय निकाय भी इस मुद्दे को प्राथमिकता दें और सबसे महत्वपूर्ण हम खुद उदाहरण बनें। उन्होंने कहा कि सरकार हर कदम पर आपके साथ है। हम हर उस हाथ को थामेंगे जो नशे से बाहर निकलना चाहता है और हर उस जड़ को उखाड़ेंगे जो नशे को फैलाती है।
इस मौके पर सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, विधानसभा डिप्टी स्पीकर डाॅ. कृष्ण मिड्ढा, सफीदों विधायक रामकुमार गौतम, उचाना विधायक देवेंद्र अत्री, कर्मवीर सैनी, अमरपाल राणा, श्रवण कुमार गर्ग, कुलदीप रंधावा व पुष्पा तायल मौजूद रहे।
नशे पर लगाम लगाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध : सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे पर लगाम लगाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। ड्रग्स की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए कड़े कानून बनाए हैं। नशे के नेटवर्क को राज्य ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्वस्त करना है। सीमावर्ती राज्यों और इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही, लेकिन कानून से भी बड़ा है जनआंदोलन। यह साइकिल यात्रा उसी जन आंदोलन का हिस्सा है। जब लोग खुद जागरूक होते हैं, तब वह दूसरों को जागरूक करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत और सशक्त भारत का लक्ष्य रखा है। इन सभी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नशा मुक्त भारत बहुत जरूरी है।