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बेसहारा पशुओं को पकड़ते समय बाइक की टक्कर से युवक की मौत

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नागरिक अस्पताल में धरने पर बैठे मृतक के परिजन। संवाद - फोटो : Jind
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जींद। नगर परिषद बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चला रहा है। शनिवार रात को साढ़े नौ बजे गोहाना रोड पर नप के ठेकेदार द्वारा भेजी गई टीम में राम कॉलोनी निवासी 30 वर्षीय सुनील भी अभियान में शामिल था। इसी दौरान बेसहारा पशुओं को पकड़ने चक्कर में सुनील को बाइक सवार युवक ने टक्कर मार दी। वहां मौजूद टीम के अन्य सदस्यों ने बाइक चालक व सुनील को गंभीर हालत में नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने सुनील को मृत घोषित कर दिया। जबकि घायल बाइक चालक डिफेंस कॉलोनी निवासी युवक यश को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया।
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रविवार सुबह सुनील के परिजनों ने शव लेने से मना कर दिया और नागरिक अस्पताल में आर्थिक सहायता व नौकरी की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। अधिकारियों के साथ परिजनों की कई बार बातचीत हुई लेकिन सिरे नहीं चढ़ी। समाचार लिखे जाने तक धरना जारी रहा।
सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में राम कॉलोनी निवासी जगरूप ने बताया कि वह और उसका जीजा सुनील तिगड़ाना निवासी वर्तमान में राम कॉलोनी नगर परिषद ठेकेदार के साथ बेसहारा पशुओं को पकड़कर नंदीशाला में छोड़ने का काम करते थे। शनिवार रात को भी वह गोहाना रोड से बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर परिषद के ठेकेदार द्वारा भेजे गए थे। इस दौरान वहां पर सुनील, उमेश, बाबु, विक्की, दलबीर, शन्नी उर्फ दीपक, नरेश, राहुल, मेशा गोहाना रोड पर शहीद स्मारक के सामने से बेसहारा पशुओं को पकड़ रहे थे। सुनील डिवाइडर के पास आने वाले वाहनों को रोकने के लिए खड़ा था। साढ़े नौ बजे एक बेसहारा सांड़ को पकड़ने लगे तो उस दौरान बस अड्डे की तरफ से एक बाइक आती दिखाई दी। सुनील ने बाइक को रुकने का दूर से ही इशारा किया, लेकिन बाइक चालक ने सीधे सुनील को टक्कर मारकर घायल कर दिया और खुद भी सड़क पर गिर गया।
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सिविल लाइन थाना प्रभारी हरिओम ने बताया कि सड़क दुर्घटना को अंजाम देने के आरोप में बाइक चालक डिफेंस कालोनी निवासी यश के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नागरिक अस्पताल में दोनों पक्षों में हुआ विवाद
गोहाना रोड पर हुई सड़क दुर्घटना के बाद जब दोनों घायलों को नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया तो चिकित्सकों ने घायल बाइक चालक यश की गंभीर हालात को देखते हुए रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। इस दौरान मृतक पक्ष के लोगों ने पुलिस के आने तक घायल को अस्पताल में रोकने की बात कहकर पीजीआई जाने से यश को रोकना चाहा। यश के परिजनों ने दूसरे पक्ष के लोगों की इस बात का विरोध किया तो दोनों पक्षों में विवाद हो गया।
मृतक पक्ष के लोगों ने लगाया मारपीट का आरोप
घायल को पीजीआई ले जाने से रोकने के दौरान हुए विवाद में मृतक पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया कि यश के परिजनों ने उनके साथ रात के समय मारपीट की है।
शव उठाने से किया मना, धरने पर बैठे
मृतक के परिजनों ने रविवार सुबह शव उठाने से मना कर दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता व एक नौकरी की मांग की। इस दौरान एसडीएम दलबीर सिंह व डीएसपी साधुराम ने कई बार शव उठाने को लेकर बात की, लेकिन पीड़ित परिवार ने शव को उठाने से मना कर दिया।
विधायक के सामने लगाए प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे
धरना स्थल पर जब विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा पहुंचे तो धरना दे रहे लोगों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू की तो विधायक ने कहा कि सड़क दुर्घटना में सरकार का दोष नहीं है। इस दौरान विधायक ने मृतक सुनील की इकलौती बेटी के नाम 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया।
प्रशासन की नियम व शर्तों के अनुसार ठेकेदार होगा जिम्मेदार
नगर परिषद ने जिस समय पशु पकड़ने के लिए ठेकेदार को ठेका दिया था, उन नियम व शर्तों के अनुसार कोई दुर्घटना होती है तो उसका जिम्मेदार ठेकेदार या एजेंसी स्वयं होगी। किसी कर्मचारी की मौत या चोट लगने की जिम्मेदारी भी एजेंसी या ठेकेदार की होगी।
15 अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज
मृतक सुनील के रिश्तेदारों के साथ मारपीट करने, जातिसूचक गालियां देने के आरोप में घायल डिफेंस कॉलोनी निवासी यश के 15 अज्ञात परिजनों के खिलाफ सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
वर्जन-
मृतक के परिजनों से बातचीत की गई थी। उनको समझाने के प्रयास किए लेकिन वह फिलहाल नहीं माने। सोमवार को फिर से बातचीत का प्रयास किया जाएगा और प्रशासन की तरफ से हर संभव मदद की जाएगी।
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- दलबीर सिंह, एसडीएम
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