जींद। सीटू जिला प्रधान कामरेड रमेश चंद्र और जिला सचिव संदीप जाजवान ने केंद्र सरकार द्वारा श्रम-विरोधी लेबर कोड्स को लागू करने की निंदा की है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय ट्रेड यूनियनों का संयुक्त मंच इन चारों लेबर कोड्स को पूंजीपति-परस्त और मजदूरों के साथ धोखाधड़ी मानता है।
21 नवंबर को जारी की गई अधिसूचना लोकतांत्रिक भावना का उल्लंघन है और कल्याणकारी राज्य की अवधारणा को खत्म करती है। संयुक्त मंच इन कोड्स का उस दिन से विरोध कर रहा है जब 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को खत्म करके इन्हें पारित किया गया था।
उन्होंने कहा कि तमाम विरोधों के बावजूद सरकार ने लेबर कोड्स लागू कर दिए, जबकि बार-बार कोड्स वापस लेने की मांग रखी गई थी।
सीटू ने आरोप लगाया कि सरकार नियोक्ताओं के दबाव में काम कर रही है। नेताओं ने घोषणा की कि लेबर कोड्स और श्रम शक्ति नीति के खिलाफ 26 नवंबर को मजदूर देशभर में संयुक्त किसान मोर्चा के साथ कंधे से कंधा मिलकर शामिल होंगे।
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