शहर की प्रॉपर्टी सर्वे के मूल्यांकन में सामने आई खामियों को ठीक करने का काम वीरवार से शुरू होगा। इसके लिए डीएमसी मेजर गायत्री अहलावत व शहर के सभी पार्षदों के बीच बैठक हुई थी। इसमें सहमति बनी कि वार्डों को चार जोन में बांटकर याशी कंसल्टेंसी कंपनी व नगर परिषद के कर्मचारी चार जगह लोगों के प्रॉपर्टी बिलों में मिली खामियों को दूर करेंगे। ऐसे में अब वीरवार से यह टीम काम करेंगी और नगर परिषद ने इसके लिए चार जगह निर्धारित कर दी हैं। इस दौरान सर्वे रिपोर्ट में सामने आ रही खामियों को जहां याशी कंसल्टेंसी द्वारा ठीक किया जाएगा। वहीं नगरपरिषद के कर्मचारी पुराने रिकार्ड के साथ मिलान करेंगे।
गौरतलब कि याशी कंसल्टेंसी द्वारा शहर की प्रॉपर्टी का सर्वे किया गया था। इसके बाद करीब एक महीना पहले प्रॉपर्टी मूल्यांकन के नोटिस बांटने का काम शुरू हुआ तो सामने आया कि पूरे सर्वे में ही गड़बड़ी है। इसको लेकर पार्षदों ने भी विरोध किया तो सोमवार को डीएमसी मेजर गायत्री अहलावत, कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद व पार्षदों के बीच डीएमसी कार्यालय में बैठक हुई। इसमें पार्षदों ने कहा कि करीब 95 प्रतिशत तक रिकार्ड गलत है। इसको ठीक करने के लिए अब कंपनी व नगर परिषद के कर्मचारी चार जगह शिविर लगाएंगे।
यहां लगेंगे शिविर
नगर परिषद द्वारा की गई व्यवस्था के अनुसार वार्ड नंबर 9 से 16 तक के लोग रानी तालाब स्थित नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी के पुराने निवास स्थान पर अपने नोटिस की आपत्तियों को ठीक करवा सकेंगे। वार्ड नंबर एक से आठ तक के लोग पंजाबी धर्मशाला में अपनी शिकायत ठीक करवा सकते हैं। इसके अलावा वार्ड नंबर 17 से 23 के लोग जाट धर्मशाला व वार्ड नंबर 24 से 31 के लोगों के लिए रोहतक रोड स्थत सैनी धर्मशाला का स्थान तय किया है।
74 हजार प्रॉपर्टी के बिल, नोटिस के एक महीने तक करवा सकते हैं ठीक
शहर में याशी कंसल्टेंसी द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार करीब 74 हजार प्रॉपर्टी हैं। अब तक 12 हजार प्रॉपर्टी के नोटिस बांटे गए हैं। इनमें बड़े स्तर पर खामियां पाए जाने के बाद ही ठीक करवाने के लिए यह कवायद ठीक की गई गई है।
लोगों की सुविधा के लिए चार जोन बनाए
प्रॉपर्टी सर्वे में काफी शिकायतें मिल रही थी। इस पर चार जोन बनाए गए हैं। इसके आधार पर वीरवार से टीम काम करना शुरू करेंगी। लोग साथ ही नोटिस लेकर अपनी प्रॉपर्टी से संबंधित खामियों को हाथोंहाथ ठीक करवा सकेंगे। इसके लिए नगर परिषद से एक-एक कर्मचारी को भी साथ बैठाया जाएगा।
-राजेंद्र प्रसाद, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, जींद।