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Jind News: आयुष्मान योजना के तहत महिला को नहीं मिला इलाज

Mon, 18 Nov 2024 12:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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17जेएनडी15: अपनी पत्नी संतोष कुमारी का आयुष्मान कार्ड दिखाते हुए मा. चेतनदास भाटिया। संवाद
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सफीदाें। केंद्र सरकार की हाल में चलाई गई 70 वर्षीय बुजुर्गों के लिए आयुष्मान योजना का लाभ एक महिला ोको नहीं मिल पाया। इस योजना को अमलीजामा पहनाते हुए सरकार की ओर से बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य भी शुरू हो चुका है, लेकिन बुजुर्गों को इस योजना का लाभ सही से मिलना अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। इसी प्रकार की एक शिकायत सफीदों निवासी संतोष कुमारी व उनके पति चेतनदास भाटिया की भी है।
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सेवानिवृत अध्यापक चेतनदास भाटिया ने बताया कि उनकी पत्नी संतोष कुमारी किडनी रोग से ग्रस्त हैं और उनकी महीने में कई बार डायलिसिस करवानी पड़ती है। सरकार की 70 साल से ऊपर के बुजुर्गों के लिए लागू की गई योजना के तहत उन्होंने पत्नी का आयुष्मान कार्ड बनवाया था। आयुष्मान कार्ड के साथ अपनी पत्नी को लेकर वे एक निजी अस्पताल में गए, लेकिन वहां पर यह कहकर इलाज नहीं किया गया कि अभी उनके पास यह योजना नहीं आई है। वे निराश होकर लौट आए।
उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार की यह योजना बेहतरीन है और इससे देश के करोड़ों बुजुर्ग लाभान्वित होंगे, लेकिन सरकार की ओर से यह भी प्रबंध किए जाएं कि आयुष्मान कार्ड बनते ही उस पात्र बुजुर्ग को इलाज मिलना सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि किडनी रोग का इलाज बेहद महंगा है। किडनी के मरीज को महीने में कई बार डायलिसिस करवानी पड़ती है। यह आम इंसान के बस की बात नहीं है।
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सफीदों नागरिक अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध हो

चेतनदास भाटिया ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री, डीसी व सिविल सर्जन को पत्र लिखकर मांग की कि आयुष्मान योजना के तहत बुजुर्गों को इलाज दिलाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी लिखा कि सफीदों के नागरिक अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध नहीं है, इसके कारण रोगी बहुत परेशान हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी सहित सफीदों क्षेत्र में दर्जनों ऐसे रोगी हैं जिनकी डायलिसिस सफीदों के सरकारी अस्पताल में सुविधा उपलब्ध न होने के कारण पानीपत, जींद व दिल्ली के किसी अस्पताल में करानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि सफीदों में यह सुविधा उपलब्ध होने से रोगियों व उनके परिजनों को बाहर जाकर ज्यादा खर्च करने व परेशान होने से बचाया जा सकता है।

17जेएनडी15: अपनी पत्नी संतोष कुमारी का आयुष्मान कार्ड दिखाते हुए मा. चेतनदास भाटिया। संवाद

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