जींद। नगर परिषद की चेयरपर्सन पूनम सैनी के खिलाफ विपक्षी पार्षदों द्वारा किए गए अवश्विास प्रस्ताव पर मतदान 21 दिसंबर को होगा। इसके लिए पहले छह नवंबर की तारीख दी गई थी, लेकिन जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दलबीर सिंह के बीमार होने के कारण मीटिंग स्थगित कर दी गई थी।
गौरतलब है कि 31 पार्षदों वाली जींद नगर परिषद के 21 सदस्यों ने 18 सितंबर को चेयरपर्सन पूनम सैनी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के शपथ पत्र डीसी डॉ. आदित्य दहिया को सौंपे थे। हालांकि इसके बाद दो पार्षद वापस वापस चेयरपर्सन पूनम सैनी के पक्ष में आ चुके हैं। ऐसे में यह चुनाव अब रोचक हो चला है। अब 21 दिसंबर को तय होगा कि जींद नगर परिषद की राजनीति क्या रंग लाती है।
विकास कार्य हो रहे प्रभावित
पांच महीने से शहर का विकास कार्य प्रभावित हो रहा है। दरअसल यह विवाद चेयरपर्सन पूनम सैनी के पति जवाहर सैनी व पार्षद काला सैनी और कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुरेश चौहान के बीच हुए झगड़े से शुरू हुआ था। इसके बाद से ही विरोधी पार्षदों ने चेयरपर्सन को हटाने की मुहिम चलाई और इस पर मतदान होना है।
दोनों ही पक्ष कर रहे हैं बहुमत का दावा
चेयरपर्सन पूनम सैनी का कहना है कि बहुमत उनके साथ है। कुछ लोग शहर के विकास कार्यों को प्रभावित करना चाहते हैं। उनके मंसूबे सफल नहीं होंगे। वहीं, विपक्षी खेमे के पार्षद व नगर परिषद के उप प्रधान सुभाष जांगड़ा का दावा है कि 21 तारीख को चेयरपर्सन को पद से हटा दिया जाएगा।
21 को होगा मतदान
अविश्वास प्रस्ताव के लिए 21 दिसंबर को मतदान होगा। सोमवार को इसकी तारीख तय की गई है। मतदान की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। - दलबीर सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, जींद।