दिल्ली के जेएनयू में छात्रों पर हुए हमले के विरोध में प्रदर्शन करते विभिन्न संगठनों के लोग।
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जेएनयू में छात्रों और शिक्षकों पर हुए हमले के विरोध में मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी, एसएफआई, डीवाईएफआई, सीटू, जनवादी महिला समिति, जन संघर्ष मंच के कार्यकर्ताओं ने शहर में प्रदर्शन कर आरोपियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार पर आंदोलनों को कुचलने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सब भाजपा की शह पर हो रहा है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन की अध्यक्षता सीपीआई (एम) के एरिया कमेटी सचिव वेदपाल ने की।
रमेश चंद्र और प्रकाशचंद्र ने कहा कि जेएनयू के छात्रों व शिक्षकों पर हमला भाजपा की सोची समझी साजिश है। दो महीने से फीस वृद्धि के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों के आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। जेएनयू के कुलपति व भाजपा सरकार मिलकर छात्रों को प्रताड़ित कर रहे हैं। दोनों ने मिलकर दिल्ली पुलिस द्वारा भी छात्रों पर हमले करवाए लेकिन जब छात्र नहीं झुके तो कुलपति व भाजपा सरकार ने नकाबपोश गुंडे भेजकर हमला करवा दिया। राज्य कमेटी सदस्य मास्टर सत्यपाल सिवाच ने कहा कि आरएसएस कार्यकर्ताओं ने देश की आजादी में किसी भी प्रकार का साथ नहीं दिया, जबकि इन्होंने क्रांतिकारियों की मुखबिरी करके अंग्रेजों का ही साथ दिया था। आज वही काम फिर से किए जा रहे हैं। यह देश की एकता और अखंडता को तोड़ने का प्रयास है। यह कायराना फासीवादी हमला जेएनयू के नाम को बदनाम करने की साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पार्टी मांग करती है कि जेएनयू के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को पर्याप्त सुरक्षा दी जाए। इस मौके पर सीटू नेता संदीप जाजवान, रामफल दहिया, छात्र नेता दीपक, दलित अधिकार मंच से सोहन दास, जनसंघर्ष मंच से प्रेम, जनवादी महिला समिति से नूतन प्रकाश, नरेश दनौदा, सुरेश करसोला, दीनदयाल, रामनिवास डाहौला, सूरजमल, सतपाल, पवन कुमार, संदीप दालमवाला भी मौजूद रहे।