उचाना। बुधवार को पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में वाल्मीकि समाज की बैठक आयोजित की गई। रणबीर सिंह ढाठरथ ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पालवां में बन रहे छात्रावास का कोई विरोध नहीं है। मीटिंग में सोशल मीडिया पर की जा रही टिप्पणियों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि समाज के खिलाफ गलत टिप्पणी करने वालों को माफी मांगनी चाहिए।
यह छात्रावास पूरे समाज के हित में बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी और विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री ने 31-31 लाख रुपये की ग्रांट दी है। विधायक कपूर वाल्मीकि सहित अन्य लोगों ने भी सहयोग किया है। वाल्मीकि महासभा हलका प्रधान शमशेर उर्फ काला वाल्मीकि ने कहा कि पालवां गांव में छात्रावास और वाल्मीकि भवन के निर्माण के लिए बनाई गई वर्तमान कमेटी को मान्यता नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि सत्यवान ढिलौड की ओर से बनाई गई इस कमेटी का गठन एकतरफा तरीके से किया गया। महासभा का मानना है कि कमेटी में हलका उचाना के प्रत्येक गांव से एक-एक सदस्य होना चाहिए। कमेटी के गठन में पारदर्शिता की कमी पर भी सवाल उठाए गए।
कमेटी बनाने से पहले किसी सार्वजनिक चौपाल में मीटिंग नहीं बुलाई गई। इस मौके पर सत्यवान पिंडारा, सुभाष भौंसला, कश्मीरी, बलराज आदिवाल, सुनील पिंडारा, रमेश राणाए मोहन चौहान खटकड़, संदीप गागर छात्तर, सुनील मांडी, राममेहर मखंड, बिजेंद्र पूर्व पार्षद, शिवा जींद, वेदपाल मांडी, बिल्लू घसो, जोनी जींद व सन्नी छात्तर मौजूद रहे।
सभी ने मिलकर बनाई थी कमेटी, आरोप बेबुनियाद
हरियाणा वाल्मीकि महासभा प्रधान महासचिव सत्यवान ढिलौड़ ने कहा कि पालवां गांव की चौपाल में मीटिंग हुई थी। कमेटी सभी लोगों की सहमति से बनाई गई है। जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह निराधार हैं। उनका व्यक्तिगत किसी तरह का कोई भूमिका नहीं है। जो लोग मीटिंग कर रहे हैं उनकी मंशा है कि पालवां गांव में छात्रावास व वाल्मीकि भवन नहीं बने। कुछ लोग वाल्मीकि समाज की एकता को तोड़ कर नेताओं के मन में भ्रम पैदा करते हैं ताकि वह निर्माण को लेकर ग्रांट नहीं दे।