10जेएनडी36-बुराडेहर गांव में सोशल ऑडिट करती टीम। स्रोत ग्रामीण
जुलाना। क्षेत्र के गांवों में मनरेगा सोशल ऑडिट 11 अगस्त से चली हुई है। मनरेगा सोशल ऑडिट टीम की बीआरपी पूनम रानी ने बताया कि एक गांव में तीन दिन की प्रक्रिया होती है। पहले दिन दस्तावेज की जांच, दूसरे दिन कामों का भौतिक सत्यापन और तीसरे दिन ग्राम सभा का आयोजन किया जाता है। सोशल ऑडिट प्रक्रिया सरकारी योजनाओं में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी और पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए कारगर साबित हो रहा है। इसके द्वारा लोगों को योजना के उद्देश्य और उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दी जाती है। सोशल ऑडिट की प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों में पारदर्शिता लाना और यह सुनिश्चित करना है कि यह योजनाएं असली लाभार्थियों तक पहुंच रही हैं। संवाद