रोहतक रोड पर तैयार हो रही ट्रक की बॉडी।
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औद्योगिक रूप से पिछड़ रहे जींद जिले को अब ट्रक बॉडी बनाने के क्षेत्र में नई पहचान मिलने जा रही है। शहर में व रोहतक रोड पर अनूपगढ़ गांव तक करीब 200 ट्रक बॉडी मेकर हैं। अब सरकार इनको एक ही परिसर में जगह देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए अनूपगढ़ गांव के पास जगह तलाशी जा रही है।
ट्रक बॉडी बनाने के मामले में जींद को बड़ी पहचान मिली है। पिछले करीब दस साल में यह कारोबार काफी फला-फूला है। रोहतक रोड पर दोनों तरफ दर्जनों ट्रक बाडी तैयार करने का काम किया जा रहा है। पूरे उत्तर भारत में ट्रक ऑपरेटर जींद में अपने ट्रकों की बॉडी बनवाते हैं। इस उद्योग को नई पहचान देने के लिए प्रशासन अनूपगढ़ गांव में ट्रक बाडी वर्कशाप बनाने का फैसला लिया है। इसके लिए जमीन भी चिह्नित कर प्रस्ताव सरकार को भेज दिया गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह कारोबार जींद को नई पहचान दिलवाने के साथ-साथ रोजगार का भी बड़ा केंद्र बन सकता है। इस कारोबार में फिलहाल इस कारोबार में दो से तीन हजार लोग काम कर रहे हैं, लेकिन यह क्षेत्र संगठित नहीं है।
प्रदेश सरकार ने जींद में चल रहे इस उद्योग को एक उद्योग का रूप देने का फैसला लिया है। ऐसे में इसके लिए जगह तलाशी गई है। हालांकि इसे अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है। पांच एकड़ में एक कॉम्पलेक्स बनाने की योजना है। इसका प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है।
आरके चंदाना, डीडीपीओ,