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दो किलो गांजा और ढाई किलो चरस के साथ दो गिरफ्तार

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जींद। नशा तस्करी पर पूरी तरह से अंकुश नहीं लग पा रहा है। हालांकि पुलिस कार्रवाई कर नशीले पदार्थ बरामद कर रही है लेकिन जिले में नशे की खेप की आमद को रोका नहीं जा सका है। जिला नशा तस्करी का केंद्र बन चुका है। तीन दिन में जिले में साढ़े सात किलो से अधिक नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं।
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पुलिस ने सोमवार की रात अलेवा गांव के पास नाकाबंदी कर 2.5 किलोग्राम चरस के साथ सिंघवाल निवासी रोहताश को गिरफ्तार किया। इसके अलावा खटकड़ गांव के पास से दो किलो गांजे के साथ खटकड़ गांव निवासी धर्मबीर उर्फ लीला को नरवाना सीआईए ने गिरफ्तार किया। इसके अलावा 12 जून को सीआईए ने नरवाना के प्रेमनगर निवासी सुशील को 500 ग्राम अफीम और 1.800 किलोग्राम सुल्फा के साथ गिरफ्तार किया था। 11 जून को मनोहरपुर गांव के पास से पिल्लूखेड़ा निवासी विकास व मध्यप्रदेश के एक महिला व पुरुष को 800 ग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार किया था। नशा तस्करी का यह खेल दूसरे राज्यों से जिला में जारी है। मनोहरपुर गांव के पास पकड़ी गई 800 ग्राम अफीम को मध्यप्रदेश से लाया जा रहा था, जबकि नरवाना के प्रेम नगर निवासी सुशील उत्तराखंड से नशीला पदार्थ लेकर आया था, इसके अलावा 2.5 किलोग्राम चरस के साथ अलेवा के पास से पकड़ा गया सिंगवाल निवासी रोहताश भी उत्तराखंड से ही चरस लेकर आया था। खटकड़ के पास हाईवे से पकड़ा गया धर्मबीर उर्फ लीला भी नरवाना की टीम द्वारा खटकड़ गांव में हाईवे के नजदीक 2 किलो गांजा के साथ एक नशा तस्कर काबू किया, जोकि भिवानी से अपने ससुर के पास से लेकर आया था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया। जहां से अदालत के आदेश पर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
दूसरे राज्यों से हो रही नशे की आपूर्ति
जिले में ज्यादातर नशीले पदार्थ की आपूर्ति सप्लाई राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, पंजाब समेत कई अन्य राज्यों से हो रही है। अब तक पकड़े गए नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले लोगों की निशानदेही पर पुलिस नशा उपलब्ध करवाने वाले बड़े अड्डों के किसी भी सरगना गिरफ्तार नहीं कर सकी। इसके चलते इन राज्यों से लगातार जिले में नशीले पदार्थों की सप्लाई चल रही है।
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सरगना आपूर्तिकर्ताओं को नहीं बताते अपना ठिकाना
आईजी राकेश आर्य की ओर से चलाए जा रहे अभियान के तहत जिला पुलिस लगातार नशा तस्करी करने वालों को गिरफ्तार कर रही है। दूसरे राज्यों में चल रहे नशा तस्करों के बड़े गिरोह को पकड़ने में आपूर्तिकर्ता ही बाधा बने हुए हैं। नशा तस्करी का काम करने वाले इन सप्लायरों को बड़े गिरोह के सदस्य न तो अपना मोबाइल नंबर बताते और न ही ठिकाने बल्कि इन तक भी चेन के माध्यम से नशा सप्लाई किया जाता है। इसके कारण यह बड़े अड्डे पुलिस की रडार से दूरी बनाए हुए हैं। हालांकि पिछले लगभग दो माह पहले पुलिस ने हिमाचल से एक बड़े नशा तस्कर को गिरफ्तार किया था।
आमजन करे मदद तो मिले कामयाबी
गांव और शहर में नशा रोकने के लिए आमजन को आगे आना चाहिए। अपने आसपास नशा करने वालों या आपूर्तिकर्ता की जानकारी मिले तो इसकी जानकारी लोग पुलिस को दें ताकि नशे के आपूर्तिकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा सके। सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी। -कुलदीप सिंह एएसपी।
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