जींद। राजकीय स्कूल में छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रवेश उत्सव मनाया जाएगा। इसमें ड्रॉप आउट विद्यार्थियों को स्कूल में वापस दाखिला दिलवाया जाएगा। विद्यार्थियों के स्कूल छोड़ने का कारण पता किया जाएगा। इसके लिए 23 मार्च से अभियान शुरू होगा। इसमें सभी स्कूल मुखियाओं को टारगेट दिया है कि वह अपने स्कूल में 20 प्रतिशत विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाएं। यह स्कूल के शिक्षकों के लिए भी चुनौती है।
स्कूलों में प्रवेश उत्सव में बेहतर कार्य करने वाले स्कूलों को शिक्षा विभाग ने सम्मानित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं, ताकि प्रवेश उत्सव में कोई स्कूल पीछे न रहे। शिक्षा विभाग का लक्ष्य ड्रॉप आउट जीरो करना है। जिले में 700 के लगभग राजकीय स्कूल हैं। इनमें विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाकर बेहतर शिक्षा देना ही शिक्षा विभाग का लक्ष्य है। इसमें परिवार पहचान पोर्टल के डाटा को शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया है।
पीपीपी पोर्टल के अनुसार बीते वर्ष प्रदेश के स्कूलों से दो लाख के करीब विद्यार्थी ड्रॉप आउट हुए थे। स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर विभाग का ध्यान है। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ शिक्षकों का सहयोग लिया जाएगा। शिक्षक प्रवेश उत्सव के तहत हर घर जाकर विद्यार्थियों के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। इस दौरान वह अभिभावकों व विद्यार्थियों को शिक्षा का महत्व बताकर उनको जागरूक करेंगे।
इस प्रकार होगा काम
शिक्षक प्रवेश उत्सव के तहत हर गांव, वार्ड स्तर पर स्कूलवार विद्यार्थियों का डाटा एकत्रित किया जाएगा। इस डाटा से स्कूल ड्रॉप आउट बच्चों की पहचान की जाएगी। आंगनबाड़ी रजिस्टर, जन्म-मृत्यु रजिस्टर, विलेज एजुकेशन रजिस्टर के माध्यम से डाटा एकत्रित किया जाएगा। इससे सामने आने वाले सभी बच्चों के स्कलों में दाखिले करवाए जाएंगे। अभियान के लिए स्कूल मुखिया शिक्षकों की टीम बनाकर कार्य करवाएंगे। बाक्स
स्कूलों को प्रशंसा पत्र भी मिलेंगे
प्रवेश उत्सव के तहत शिक्षकों को 20 प्रतिशत तक विद्यार्थियों की संख्या बढ़ानी है। बढ़े बच्चों के प्रतिशत के हिसाब से स्कूलों को मेडल के साथ विभाग सम्मानित भी करेगा। जिससे शिक्षक स्कूलों में छात्र संख्या को बढ़ाने के लिए बेहतर तरीके से काम करेंगे। ऐसे स्कूल जो 100 प्रतिशत नामांकन, 100 प्रतिशत अवस्थांतर, 30 मई तक 100 प्रतिशत ठहराव सुनिश्चित करना, जीरो ड्रॉप आउट के लक्ष्य को प्राप्त करता, वर्ष 2023-2024 की छात्र संख्या कम से कम 30 प्रतिशत बढ़ोतरी करता है। उसे स्वर्ण पत्र प्रशंसा के तौर पर देकर सम्मानित करने की विभाग की योजना है। - सुमित्रा देवी जिला शिक्षा अधिकारी जींद।