जींद। न्यायिक मजिस्ट्रेट पारिंद्र सिंह की अदालत ने अवैध पिस्तौल रखने के आरोप में गिरफ्तार आरोपी दीपक को बरी कर दिया। अदालत ने फैसले में कहा कि पुलिस बरामद पिस्तौल का टेस्ट फायर कराने में विफल रही। ऐसे में यह साबित नहीं हो सका कि बरामद हथियार उपयोग योग्य था। साक्ष्य के अभाव में अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोप सिद्ध नहीं कर पाया।
अभियोजन के अनुसार, 28 अगस्त 2018 को शहर थाना पुलिस नई अनाज मंडी के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान युवक अनाज मंडी की ओर से मुख्य गेट की तरफ आता दिखाई दिया। पुलिस को देखकर वह घबरा गया और तेजी से वापस मुड़कर जाने लगा। पुलिस ने शक के आधार पर युवक को पकड़ लिया और उसकी तलाशी ली।
तलाशी के दौरान युवक के कब्जे से 32 बोर का एक देसी पिस्तौल बरामद हुआ। पूछताछ में उसने अपनी पहचान बुआना निवासी दीपक के रूप में बताई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी दीपक को बरी कर दिया गया।