संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा जिला जींद के प्रधान गुलाब बिरौली ने सरकार पर दलित व सफाई कर्मी विरोधी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भाजपा सरकार ने न तो एक भी सफाई कर्मचारी को स्थायी किया और न ही किसी कच्चे कर्मचारी को पक्का किया जो सरकार की मंशा दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने 24 नवंबर 2024 को ग्रामीण सफाई कर्मियों के लिए 26 हजार और शहरी कर्मचारियों के लिए 27 हजार वेतन की गई घोषणा कागजों तक सीमित है।
11 जून को सिरसा में घोषित 2100 रुपये की वेतन बढ़ोतरी का पत्र आज तक ग्रामीण कर्मियों के लिए जारी नहीं हुआ, जबकि शहरी कर्मियों को लाभ मिलना शुरू हो चुका है। गुलाब बिरौली ने 25 नवंबर को पंचायत विभाग की तरफ से जारी पत्र पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे ग्राम सचिवों और पंचायतों को सफाई कर्मियों से जबरन बेगार लेने का खुला अधिकार मिल गया है। उन्होंने मांग की कि इस आदेश को तुरंत वापस लिया जाए और सफाई कर्मियों की देखरेख के लिए पांच, छह गांवों पर आधारित जोन बनाकर सुपरवाइजर नियुक्त किया जाए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में 9754 पद खाली हैं जिसके कारण मौजूदा कर्मचारियों पर काम का अत्यधिक दबाव है। समय पर वेतन न मिलने से कर्मचारियों को आर्थिक संकट झेलना पड़ता है। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते समाधान नहीं किया तो चार और पांच दिसंबर को जिलास्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। 10 से 12 फरवरी ज्ञापन अभियान और 20 मार्च से ऑल सफाई कामगार संघर्ष समिति के बैनर तले हड़ताल शुरू की जाएगी।