उचाना। तेरापंथ जैन स्थानक में प्रवचन करते हुए साध्वी लब्धि प्रभा ठाणे-3 ने कहा कि लात का जवाब लात से गधा ही देता है, भौंकने का जवाब भौंककर कुत्ता ही देता है, लेकिन हम तो इंसान हैं। क्रोध का जवाब क्रोध से क्रोधी ही देता है। क्रोधी व्यक्ति का भरोसा एवं विश्वास शीघ्र समाप्त हो जाता है।
उन्होंने कहा कि भरोसा और समोसा दो चीजें हैं। समोसा तो बाजार में मिल जाएगा पर भरोसा बाजार में नहीं मिलता। भरोसा आदमी के व्यवहार में मिलता है। दो चीजों पर ज्यादा भरोसा नहीं रखना चाहिए। भरोसा न रखने वाली चीज पैसा है। पैसा पर ज्यादा भरोसा नहीं रखना तथा भगवान और मौत पर पूरा भरोसा रखना। भगवान और मौत कभी भी किसी को धोखा नहीं देती। मौत हर हाल में आती है और भगवान हर हाल में साथ रहता है। याद रखना अहंकारी फूल तो सकता है पर फैल नहीं सकता। साध्वी ने कहा कि इंसान अपनी भूल करे कबूल, दूसरों की भूल जाए तो भूल, जीवन में रखे नहीं शूल तो जीवन बन जाए ब्यूटी फूल। पर आज कोई भी भूल को कबूल नहीं करना चाहता। जिसने जीते जी मां-बाप की आंखों में आंसू दिए है, उस बेटे को उनकी मृत्यु के बाद रोने का अधिकार नहीं है। बेटे हो तो अपने मां-बाप को आंसुओं की धार नहीं बल्कि खुशी के भंडार दो। तभी आपका पुत्र कहलाना सार्थक एवं सफल हो जाएगा।
फोटो कैप्शन 25जेएनडी22: साध्वी लब्धि प्रभा। संवाद