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व्यापारियों को रास नहीं आया सरकार का दुकान खोलने का फरमान, दिन में समय को लेकर बनी सहमति, बाद में डीसी ने पुरानी व्यवस्था बहाल की

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तीन सप्ताह से चल रहे लॉकडाउन में अब सरकार द्वारा कुछ रियायतें दी गई हैं। इसमें सभी दुकानों को ऑड-ईवन के आधार पर सुबह सात से दोपहर 12 बजे तक खोलने की व्यवस्था की गई है। यह जींद के व्यापारियों को रास नहीं आ रहा है। यहां के व्यापारी नियम के विरोध में हैं। सोमवार को एक साथ बाजार खुलते ही दुकानों पर भीड़ बढ़ गई। दोपहर 12 बजे तक जहां ग्रामीण क्षेत्रों से ग्राहक आने शुरू हुए, वहीं दुकानदारों ने अपनी दुकान बंद करनी शुरू कर दी। इससे काफी लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
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नए नियम व समय के अनुसार दुकान खोलने में आ रही परेशानियों को लेकर शहर के विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल एसडीएम से मिले। इस दौरान कई दुकानों के समय में बदलाव किया, लेकिन सभी दुकानों का समय बदलने पर एसडीएम दलबीर सिंह ने विवशता जताई। उन्होंने कहा कि दुकानदारों की मांग सरकार तक भेज दी जाएंगी। व्यापारियों व एसडीएम के बीच सहमति बनी की कि जींद शहर में रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानें, ढाबे सुबह सात बजे से अपराह्न तीन बजे तक व शाम छह बजे से रात 9 बजे तक खोले जा सकते हैं। फल, दूध व सब्जियों की दुकानें सुबह सात से अपराह्न तीन बजे तक व शाम पांच से रात 8 बजे तक खोली जा सकती हैं।
तार्किक नहीं है समय
इस दौरान प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. राजकुमार गोयल ने कहा कि वर्तमान सुबह सात से दोपहर 12 बजे तक दुकानों को खोलने का प्रावधान है। यह समय किसी भी प्रकार से तार्किक नहीं है। ग्रामीण अंचल से लोग सुबह 10 बजे तक शहर में खरीदारी करने पहुंचते हैं। ऐसे में उन्हें सिर्फ दो घंटे का समय मिलता है। जिला प्रधान महावीर कंप्यूटर ने कहा कि सरकार के फैसले से शहर में काफी भीड़ होगी और न ही कोई सामाजिक दूरी रहेगी। ऐसे में समय सुबह आठ से दोपहर दो बेज तक किया जाए।
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व्यापारियों को मिले राहत पैकेज
महावीर कंप्यूटर ने कहा कि पिछले लॉकडाउन व वर्तमान लॉकडाउन से व्यापारी काफी मंदी के दौर से गुजर रहे हैं। छोटे दुकानदार, छोटे उद्योग व मध्यवर्गीय परिवार अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए रोज कमाते हैं। सरकार ने लॉकडाउन में हुए नुकसान की भरपाई के लिए विशेष पैकेज की घोषणा करे।
कई जगह टूटे नियम
हालांकि सरकार ने दोपहर 12 बजे तक ही दुकानों को खोलने की अनुमति दी है, लेकिन सोमवार को कई दुकानें इसके बाद भी खुली रहीं। कुछ दुकानों में तो ग्राहक बैठे थे, जिनकी खरीदारी 12 बजे तक नहीं हुई। वहीं कुछ दुकानदारों ने शटर बंद कर बाहर बैठकर ग्राहकों का इंतजार किया। ग्राहक आने पर उन्हें दुकान के अंदर बुलाकर सामान बेचा।
सामान बाहर व अंदर करने में ही बीता दिन
सुबह करीब नौ बजे दुकान खोली। दुकान का सामान बाहर निकाल कर सफाई की, दस बज गए। इसके बाद ग्राहक आने शुरू हुए तो सामान अंदर रखने का समय हो गया। यह समय सही नहीं है। कम से कम अपराह्न तीन बजे तक दुकानें खुलनी चाहिए।
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राजेश शर्मा, दुकानदार।
पूरे दिन खुले दुकान
दुकान खुलनी है तो पूरे दिन खुले। अधिक दुकान खुलने पर भीड़ कम होगी। व्यवस्था बनेगी। सोमवार को बाजार में असमंजस की स्थिति रही। कुछ भी साफ नहीं था।
रविंद्र उर्फ लालू, दुकानदार।
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