जींद। पांच अप्रैल को आयोजित मुख्यमंत्री की रैली में एसएनओ ( सीनियर नर्सिंग ऑफिसर ) की टीम ने जांच के बाद ही ऑक्सीजन सिलिंडर भेजा था। उस समय सील बंद सिलिंडर में पूरी ऑक्सीजन थी। अधिकारी बाला (मैट्रन) ने पीएमओ को लिखित में स्पष्टीकरण दे दिया है।
स्पष्टीकरण में लिखा, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दौरे के दौरान नागरिक अस्पताल से ऑक्सीजन सिलिंडर को एसएनओ पूनम, एनओ ( नर्सिंग ऑफिसर ) उर्मिला और सहायक अंकित ने चेक किया था। अंकित ने सील खोलकर सिलिंडर पर फ्लो मीटर लगाया था।
जांच के दौरान सिलिंडर भरा हुआ व सील बंद था। किन्हीं कारणों से ऑक्सीजन खुल या लीक हो गया होगा। इस कारण सिलिंडर खाली हो गया होगा।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के आगमन से पहले जिमखाना क्लब में उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विशेष चिकित्सीय व्यवस्थाएं की गई थीं। एंबुलेंस, ऑक्सीजन सिलिंडर व अन्य आवश्यक चिकित्सा उपकरण पहले से रखने के निर्देश दिए गए थे लेकिन इसी बीच सीनियर नर्सिंग अधिकारी की ओर से भेजा गया ऑक्सीजन सिलिंडर खाली निकला।
मामले का खुलासा तब हुआ जब सीएमओ और सीआईडी टीम ने मौके पर व्यवस्थाओं की जांच की। स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत हड़बड़ाहट में एंबुलेंस भेजकर भरा ऑक्सीजन सिलिंडर मंगवाया।
अस्पताल प्रबंधन ने लिखित में नहीं लगाई ड्यूटी
मैट्रन टीम का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने लिखित में किसी भी कर्मचारी की ड्यूटी नहीं लगाई थी। मुख्यमंत्री के दौरे से एक दिन पहले शाम को व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज भेजकर निर्देश जारी किए थे। वहीं फार्मासिस्ट की ड्यूटी अनिवार्य होती है लेकिन पीएमओ कार्यालय की तरफ से चार अप्रैल को फार्मास्टिट की ड्यूटी नहीं लगाई गई। हालांकि अगले दिन फार्मासिस्ट की ड्यूटी लगाई गई थी।
वर्जन
अभी तक कोई स्पष्टीकरण नहीं मिला है। ऑक्सीजन सिलिंडर बिना चाबी के खुल नहीं सकता। सीएमओ ने खुद चाबी मंगवाकर सिलिंडर खोला था और उसमें ऑक्सीजन नहीं थी। निदेशालय से ही मामले में कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ, नागरिक अस्पताल जींद