जिला जेल के गेट के बाहर खड़े परिजन।
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हरियाणा के जींद की जिला जेल में संगीन मामलों में बंद बदमाशों को चक्की में बंद किए जाने पर जेल के अंदर अन्य बंदियों व कैदियों ने शनिवार को भूख हड़ताल की थी। इन बंदियों ने आरोप लगाया था कि जेल में उनको महंगा सामान दिया जा रहा है और खाने के पैसे लिए जा रहे हैं। रविवार को कैदियों और बंदियों के परिजन भी जेल के बाहर पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
हालांकि इस मामले में जेल अधीक्षक संजीव बुधवार ने कहा कि जेल में समय-समय पर जज दौरा कर कैदियों व बंदियों की समस्याओं के लिए शिविर लगाकर बात करते हैं। इस दौरान आज तक किसी भी बंदी ने इस तरह के आरोप नहीं लगाए। अगर जेल में खाने की घटिया क्वालिटी होती है, बंदियों को कैंटीन के अंदर से सामान खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है, उसके साथ मारपीट करके चक्कियों में बेवजह डाला जाता तो इस मामले में पहले जांच के दौरान भी शिकायत मिलती।
उन्होंने बताया कि हत्या व हत्या के प्रयास और पुलिस पार्टी पर हमला कर फरार होने का प्रयास करने के मामले में जेल में बंद विनय तथा उसके छह साथियों को चक्की में जेल नियमों के अनुसार सुरक्षा दृष्टि के चलते बंद किया गया है। इसके अलावा छह कैदियों व बंदियों को जेल में सुल्फा लाने के मामले में बंद किया है।
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इस तरह से कुल 25 कैदी व बंदी चक्की में बंद हैं। इन सभी को चक्की से निकलवाने के लिए कैदियों व बंदियों ने कुछ समय के लिए भूख हड़ताल कर प्रशासन पर दबाव बनाना चाहा था। जेल नियमों के अनुसार जेल में किसी प्रकार की परेशानी कैदियों व बंदियों को नहीं होने दी जा रही है। उन्होंने बताया कि जेल प्रशासन पर जो आरोप लगाए गए हैं, वह निराधार हैं।