अपने ही पांच बच्चों की हत्या का आरोपी डिडवाड़ा गांव निवासी जुम्मादीन अभी भी पुलिस को छका रहा है। रिमांड पर चल रहे जुम्मादीन को लेकर पुलिस तीन बच्चों की कब्रों की शनाख्त कराने पहुंची तब भी वह आनाकानी करते नजर आया। जुम्मा ने गाड़ी से उतरने के पहले ही कहना शुरू कर दिया कि मुझे कुछ पता नहीं। जुम्मा ने कुल नौ बार पुलिस से यही कहा कि मुझे कुछ पता नहीं। इस दौरान जुम्मा के चेहरे पर शिकन तक नहीं दिखी। इसके बाद प्रशासन की टीम वहां से लौट गई।
जानकारी के अनुसार सोमवार को सफीदों पुलिस ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ डिडवाड़ा गांव के कब्रिस्तान में पहुंची और जुम्मा के भाइयों से तीनों बच्चों की क्रब के बारे में पूछा। जुम्मा के भाइयों ने इसकी जानकारी होने से मना कर दिया। जुम्मा पांचों बच्चों की हत्या कुबूल रहा है, लेकिन उसके उन तीनों बच्चों की शनाख्त जरूरी जिनकी हत्या उसने पहले की थी। गौरतलब है कि जुम्मा ने वर्ष 2012 में 9 माह की बेटी निशा, 2016 में बेटे आर्यन व 2019 में नबी की हत्या की थी। सोमवार दोपहर करीब दो बजे पुलिस टीम में थाना प्रभारी धर्मबीर व ड्यूटी मैजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार रामपाल जेसीबी लेकर पहुंचेे। टीम ने जुम्मा के भाई रोशन, गुलाब व यासीन के साथ दर्जनभर लोगों से तीनों बच्चों की कब्रों के बारे में जानकारी जुटानी चाही। लेकिन सभी कब्रों लोकेशन की जानकारी नहीं होने की बात कही। करीब एक घंटे के बाद रिमांड पर चल रहे आरोपी पिता जुम्मादीन को भी कब्रिस्तान ले जाया गया। जहां पर जुमा ने भी पुलिस गाड़ी से उतरते ही मुझे नहीं पता...मुझे नहीं पता का रट्टा लगा लिया। एसएचओ ने पूछा कि क्या तू कब्रों पर मिट्टी नहीं देने आया था। जुम्मा ने कहा कि मिट्टी मैने अपने पांचों बच्चों को दी, लेकिन कब्रों का मुझे पता नहीं। साढ़े चार बजे तब जब किसी ने कब्रिस्तान में कोई निशानदेही नहीं करवाई तो प्रशासन और पुलिस का अमला गांव डिडवाड़ा से बैरंग लौट गया। पुलिस ने पूछताछ के दौरान कब्रिस्तान की वीडियोग्राफी भी करवाई।
पुलिस ने गांव में किया सीन रीक्रिएट
सफीदों पुलिस ने सदर थाना प्रभारी धर्मबीर सिंह के नेतृत्व में सोमवार को गांव डिडवाड़ा में हत्या से संबंधित घटनाक्रम का सीन रीक्रिएट किया। किसी को भी इस दौरान आने की इजाजत नहीं दी गई। इस दौरान हत्यारोपी जुम्मादीन भी पुलिस के साथ रहा। इस सीन रीक्रिएशन के दौरान जो बातें सामने आई वे हत्यारोपी जुमाद्दीन द्वारा बताई गई बातों से हूबहू मेल खा रही रही हैं। पुलिस ने हत्या में प्रयोग किए गए तकिए को भी बरामद किया है। जुम्मादीन ने पुलिस को बताया था कि वह बाइक की टंकी पर तकिया रखकर उस पर एक लड़की को लेटाकर और दूसरी को अपने पीछे कपड़े से बांधकर नहर तक ले गया था। जुम्मादीन द्वारा बताई गई टाइमिंग भी पूरी तरह से फीट बैठी है।
पुलिस पहुंची पूरी तैयारी से लेकिन, हाथ लगी निराशा
पांच मासूम बच्चों की हत्या की जांच के सिलसिले में पुलिस ने तीन बच्चों के अवशेषों को कब्र से निकालने का निर्णय लिया था। जिसको लेकर नायब तहसीलदार रामपाल शर्मा को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। सोमवार दोपहर को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पुलिस अमला जेसीबी के साथ गांव डिडवाडा पहुंचा। जिन तीन बच्चों के अवशेषों को कब्रिस्तान से निकाला जाना था, उनकी निशानदेही नहीं हो पाई।
कही किसी गलत कब्र की न हो जाए खुदाई
पुलिस पक्के तौर पर उन्हीं कब्रों को खुदवाना चाहती, जिनमें तीन मासूम दफन हैं। किसी गलत कब्र को खुदवाने का पुलिस जोखिम नहीं लेना चाहती। जिन लोगों को मौके पर निशानदेही के लिए बुलाया गया था वे लोग अंदाजा तो बता रहे थे, लेकिन किस स्थान पर कौन सी है उसे कोई भी सही तरीके से नहीं बता पाया। एक बुजुर्ग ने यह कहा कि बारिश के दौरान सारा का सारा कब्रिस्तान समतल हो गया है और कब्रिस्तान में मिट्टी भी डलवाई गई थी। सटीक निशानदेही नहीं होने के कारण पुलिस ने मौके पर जुम्मादीन के परिवार व समाज के मौजीज लोगों के बयान लिखकर लौटना ही मुनासिब समझा।
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी जुम्मादीन ने कुबूला है कि दो बच्चियों से पहले भी उसने अपने तीनों बच्चों की हत्या की है। उन्हें गांव के ही कब्रिस्तान में दफना दिया गया है। इसी को लेकर सफीदों पुलिस ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार रामपाल शर्मा के साथ कब्रों की जांच के लिए कब्रिस्तान पहुंची थी। इस दौरान कब्रों की सही निशानदेही नहीं हो पाई और कब्रों की खुदाई नहीं करवाई गई है। अभी जुम्मादीन का पुलिस रिमांड बाकी है। इस दौरान पुलिस उससे कई जानकारियां हासिल करेगी।
धर्मबीर सिंह, सदर थाना प्रभारी सफीदों।