जींद। करीब डेढ़ साल से लंबित जींद-सफीदों हाईवे चौड़ीकरण परियोजना फिर अटक गई है। 59 करोड़ रुपये की लागत से सात मीटर चौड़ी सड़क को दस मीटर चौड़ा किया जाना है लेकिन सड़क किनारे खड़े करीब पांच हजार पेड़ों की कटाई पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध के कारण निर्माण कार्य ठप हो गया है। इस मामले में अब छह जुलाई को सुनवाई होगी।
हाईवे चौड़ीकरण में हो रही देरी का खामियाजा प्रतिदिन लगभग 20 हजार वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है। जींद से सफीदों के बीच यह मार्ग क्षेत्र का प्रमुख संपर्क मार्ग है जिस पर रोजाना निजी वाहनों, बसों, ट्रकों और कृषि कार्य से जुड़े वाहनों का आवागमन रहता है।
कई स्थानों पर सड़क को दोनों ओर से उखाड़ दिया गया है जिससे मार्ग की चौड़ाई कम हो गई है। वाहनों को एक-दूसरे को पास देने में दिक्कत होती है। गड्ढों से भरी सड़क पर धूल के गुबार के बीच सफर करना वाहन चालकों के लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है।
रात के अंधेरे में गड्ढे दिखाई भी नहीं देते। दिनभर भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क पर धूल उड़ती रहती है। राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। जब तक निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं होता, तब तक प्रशासन को नियमित रूप से सड़क पर बने गड्ढों का पैचवर्क करवाना चाहिए।
हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका के चलते प्रदेशभर में पेड़ों की कटाई पर अस्थायी रोक लगी हुई है। सफीदों मार्ग पर भी करीब पांच हजार पेड़ों को हटाने के बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ सकेगा। फिलहाल केवल उन हिस्सों पर काम हो पा रहा है, जहां पेड़ नहीं हैं।
धाना की पंचायत ने वन विभाग के नाम करवाई है 41 एकड़ जमीन
दूसरी ओर, सड़क के दायरे में आने वाले बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर और अन्य ढांचों को हटाने की प्रक्रिया भी अब तक पूरी नहीं हो सकी है। विभागीय स्तर पर शुल्क जमा कराने की बात भी कही जा रही है, लेकिन कार्रवाई लंबित है, जिससे परियोजना में और देरी की आशंका बढ़ गई है। हालांकि प्रतिपूरक वनरोपण के लिए बधाना गांव की पंचायत ने 41 एकड़ जमीन वन विभाग के नाम करवाई है।
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सफीदों मार्ग पर पेड़ों की कटाई की जानी है लेकिन हाईकोर्ट ने फिलहाल पेड़ों की कटाई पर अस्थायी रोक लगाई हुई है। ऐसे में निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है। अब छह जुलाई को होने वाली सुनवाई के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। बिना मंजूरी के विभाग पेड़ नहीं काट सकता।
-पवन ग्रोवर, जिला वन अधिकारी, जींद