जींद। जिले के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में निपुण भारत मिशन के तहत पिछले महीने करवाए गए सेंसस ग्रुपिंग असेसमेंट का परिणाम बेहतर रहा। इसमें जिले के 423 प्राथमिक विद्यालयों की पहली से तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया गया था।
परिणाम में पिछले वर्ष की तुलना में काफी सुधार मिला। इसमें इस बार 200 विद्यालय ए कैटेगरी, 168 बी कैटेगरी और 53 विद्यालय सी कैटेगरी में शामिल हुए हैं।
असेसमेंट के दौरान हिंदी भाषा में वर्ण, शब्द, वाक्य व अनुच्छेद पठन के साथ-साथ गणित विषय में संख्या पहचान, जोड़, घटाव और गुणा जैसे कौशलों का आकलन किया गया।
दूसरी कक्षा में निपुण विद्यार्थियों का प्रतिशत 74.5 से बढ़कर 82.8 हो गया है जबकि तीसरी कक्षा में यह आंकड़ा 65.9 से बढ़कर 78.1 प्रतिशत तक पहुंच गया। गणित में जिले के 87 प्रतिशत विद्यार्थी निपुण पाए गए हैं।
हिंदी विषय में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। दूसरी कक्षा में पत्र लेखन में 91 प्रतिशत, शब्द लेखन में 83 प्रतिशत और वाक्य पठन में 75 प्रतिशत विद्यार्थी निपुण बने हैं। गणित में अंक पठन, एक अंक के जोड़ जैसे कौशलों में भी 10 से 12 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।
तीसरी कक्षा में पत्र लेखन, शब्द लेखन, वाक्य पठन और गणितीय संक्रियाओं में विद्यार्थियों की दक्षता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। विभाग के अनुसार यह सुधार योजनाबद्ध शिक्षण गतिविधियों, शिक्षकों के नियमित प्रशिक्षण, निरंतर मॉनिटरिंग और डेटा आधारित मूल्यांकन का परिणाम है। साथ ही विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक संवाद ने भी बच्चों के सीखने के माहौल को मजबूत किया।
यह उपलब्धि शिक्षकों की मेहनत, विद्यार्थियों के प्रयास और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। निपुण भारत मिशन की सफलता की दिशा में एक मजबूत कदम है।
-राजेश वशिष्ठ, एफएलएन जिला समन्वयक