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जिला को ढाई वर्ष बाद मिली दो फायर रेंज, युवाओं का पिस्तोल का लाइसेंस बनवाने का सपना होगा पूरा

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जींद। हथियार के लाइसेंस के लिए प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं के लिए जिला गृहरक्षी विभाग की तरफ से ढाई वर्ष बाद अच्छी खबर आई है। जिले को दो फायर रेंज उपलब्ध हुई हैं। इसमें एक उचाना के राजीव गांधी कॉलेज तो दूसरी शहर के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में लंबे समय बाद फायर रेंज की मंजूरी मिली है।
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सितंबर 2018 से जिले में होमगार्ड का प्रशिक्षण देने का काम बंद था। इसका कारण जिला प्रशासन द्वारा गृहरक्षी विभाग को फायर रेंज उपलब्ध नहीं करवाना था। जिले में फायर रेंज न होने से एक तो उन युवाओं को सबसे बड़ी परेशानी हो रही थी, जो रोजगार के लिए होमगार्ड का प्रशिक्षण लेकर अपने पिस्तौल का लाइसेंस बनवाना चाहते थे। कुछ युवाओं को लाइसेंस बनवाकर निजी कंपनियों में सुरक्षा कर्मी के तौर पर नौकरी की तलाश थी। विभागीय कार्यालय में प्रतिदिन आठ से दस युवा होमगार्ड के प्रशिक्षण की जानकारी लेने के लिए आते थे और लौट जाते थे। बंद होने से पहले राजकीय पीजी कॉलेज के खंडहर हुए हॉस्टल के पास फायर किया जाता था, लेकिन जब से महिला कॉलेज बना तब से यहां पर शूटिंग का कार्य बंद हो गया था।
युवाओं के चेहरे पर खुशी
जब से जिले में गृहरक्षी विभाग को फायर रेंज मिली है। दोबारा से युवाओं के चेहरे पर खुशी है। पिछले लंबे समय से फायर रेंज का इंतजार कर रहे युवाओं ने 800 से ज्यादा आवेदन किए हैं।
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होमगार्ड के प्रमाण पत्र का केवल पिस्तौल का लाइसेंस बनवाने में होता है प्रयोग
जिले में ज्यादातर युवा होमगार्ड का प्रशिक्षण सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी या फिर किसी अन्य उद्देश्य से भी ले रहे हैं। गृहरक्षी विभाग के अधिकारियों के अनुसार इसका प्रयोग किसी अन्य नौकरी के लिए नहीं बल्कि पिस्तौल के लाइसेंस बनवाने के लिए होता है।
वर्जन-
होमगार्ड का प्रशिक्षण लेने के लिए आवेदकों को प्रत्येक माह की पांच तारीख तक आवेदन करना होता है। इसके लिए विभाग ने एक हजार रुपये फीस निर्धारित की है। जिन युवाओं को पिस्तौल का लाइसेंस बनवाना है। वह दाखिला ले सकता ले सकता है।
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- प्रदीप राणा, गृहरक्षी विभाग अधिकारी जींद।
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