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शिक्षकों ने ऑनलाइन डाटा एंट्री करने से किया इनकार

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उपमंडल कार्यालय में ऑनलाइन डाटा एंट्री नहीं करने की जानकारी देते शिक्षक। - फोटो : Jind
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घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी एकत्रित करने वाले शिक्षकों (बीएलओ) ने ऑनलाइन डाटा एंट्री करने से मना कर दिया है।
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शुक्रवार को उपमंडल कार्यालय में शिक्षकों ने कहा कि वे बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाए या ऑनलाइन डाटा एंट्री करें। लॉकडाउन के चलते राजकीय स्कूलों ने भी ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की हुई है। शुक्रवार को बीएलओ को उपमंडल परिसर में ट्रेनिंग के लिए बुलाया गया था। इस ट्रेनिंग का शिक्षकों ने विरोध किया और कहा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षक ऑनलाइन डाटा एंट्री नहीं करेंगे। प्रशासन को चाहिए कि वे दूसरे विभागों के कर्मचारियों से डाटा एंट्री का काम करवाएं। शिक्षक सर्वे कर पूरा डाटा एकत्रित कर चुके हैं।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान रुपेंद्र गोयत ने कहा कि सरकार ने मतदाताओं का डाटा एकत्रित करने की जिम्मेदारी सौंपी थी, वह जानकारी एकत्रित करके बीडीपीओ कार्यालय उचाना में जमा करवा दी गई है। अब डाटा जमा करवाने के बाद उसे ऑनलाइन एंट्री करने का दबाव बनाया जा रहा है। एक परिवार की ऑनलाइन एंट्री में करीब एक घंटा लगता है। एक शिक्षक के पास बूथ के हिसाब से कम से 400 से 500 परिवार होंगे। इस काम में तीन महीने लग सकते हैं। वहीं कुछ शिक्षकों को ऑनलाइन डाटा एंटी की जानकारी भी नहीं है। ऐसे में शिक्षक ऑनलाइन डाटा एंट्री नहीं करेंगे। इस मौके पर वीरेंद्र श्योकंद, उदयवीर, प्रदीप, राजबीर, संजीव, दिलबाग, देव दर्शन, राजेश, राजबीर, बलजीत चहल, बलवान, चांदी राम सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
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शिक्षकों ने खुद की थी ऑनलाइन डाटा एंट्री की ट्रेनिंग देने की मांग
शिक्षकों (बीएलओ) ने ही मांग की थी कि उनको डाटा एंट्री कैसे करनी है, की जानकारी दी जाए। कुछ बीएलओ को बुलाकर ई-दिशा केंद्र में डाटा एंट्री की जानकारी दी गई। 10 से 12 बीएलओ को यह ट्रेनिंग दी गई है।
-राजेश कोथ, एसडीएम, उचाना।
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