संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। एक सप्ताह पहले अशरफगढ़ गांव निवासी सुखबीर की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। उसकी हत्या गांव के ही कृष्ण और हरीश उर्फ बंदी ने की थी। सुखबीर आरोपी हरीश उर्फ बंदी के चाचा के खेत की जमीन बिकवा रहा था। हरीश उर्फ बंदी ने ऐसा करने से मना किया था, नहीं मानने पर दोस्त कृष्ण के साथ मिलकर योजना बनाई और निमर्मता से सुखबीर की हत्या कर दी।
गिरफ्तार आरोपी कृष्ण उर्फ झुंडिया ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि सुखबीर को खेत में ले जाकर उसे शराब पिलाई और फिर बिजली के टेस्टर से उसकी छाती, गर्दन और पेट पर वार किए। इसके बाद अंगोछा (परणा) से गला घोटकर उसकी हत्या कर दी। सदर थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मंगलवार को अदालत में पेश किया, जहां उसे जेल भेज दिया। पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपी हरीश उर्फ बंदी की गिरफ्तारी में लगी हुई है। पांच जून को अशरफगढ़ निवासी संदीप ने सदर थाना पुलिस को शिकायत में बताया कि उसका भाई सुखबीर पांच जून शाम को घर आया और रात साढ़े दस बजे किसी अज्ञात व्यक्ति का फोन आने के बाद वह घर से कहीं चला गया जो वापस नहीं लौटा। इस पर सदर थाना पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर युवक की तलाश शुरू कर दी थी। सात जून को अशरफगढ़ गांव के खतों में सुखबीर का शव बरामद हुआ जो कि मिट्टी में दबाया हुआ था। पुलिस हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी थी। इसी बीच पुलिस ने आरोपी कृष्ण को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि तीन जून को उसके पास गांव का ही उसका दोस्त हरीश उर्फ बंदी आया। उसने बताया कि उसका चाचा अपना आधा किला जमीन बेच रहा है, जिसको सुखबीर बिकवा रहा है। उसने सुखबीर को समझाया लेकिन वह नहीं माना। यदि सुखबीर की हत्या कर दी जाए तो उनकी जमीन बिकने से बच जाएगी। फिर उन्होंने उसी दिन सुखबीर को जान से मारने की योजना बना ली। इसके बाद पांच जून को सुखबीर से बातचीत की और फिर उन्होंने अशरफगढ़ से पिंडारा जाने वाले रोड पर ठेके से शराब का आधा खरीदा। इसके बाद वह गांव के पास खाली खेत में सुखबीर और आरोपी हरीश उर्फ बंदी ने शराब पी। हरीश ने सुखबीर को ज्यादा शराब पिला दी। सुखबीर को ज्यादा नशा हो गया। फिर उन्होंने सुखबीर के साथ बहस की। फिर उसने सुखबीर को पीछे से पकड़ लिया और हरीश ने बिजली वाले टेस्टर से सुखबीर के गले, छाती और पेट पर कई वार किए। इसके बाद गमछे से सुखबीर का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। फिर दोनों ने ईटों से सुखबीर के सिर पर कई बार किए और फिर उसे मिट्टी में दबा दिया। इसके बाद वह हरीश के घर पर चले गए। उन्होंने सबूत मिटाने के लिए अंगोछे को जला दिया।
वर्जन
पुलिस ने अशरफगढ़ निवासी सुखबीर की हत्या के आरोपी गांव के ही कृष्ण को गिरफ्तार कर लिया है। गांव के हरीश उर्फ बंदी ने कृष्ण के साथ मिलकर सुखबीर की हत्या की थी। हरीश और सुखबीर के बीच जमीन बिकवाने का मामला था। पुलिस ने आरोपी कृष्ण को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है जबकि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है। -मोनिका, प्रभारी, सीआरएसयू चौकी जींद।