संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। सिर्फ हिंदू ही विश्व कल्याण की बात करता है। हिंदू धर्म में हम संस्कार दर्शन की बात करते हैं। हस्त दर्शन, धरती माता को प्रणाम, बड़ों को प्रणाम, हर रोज व्यायाम दिनचर्या में शामिल है। सूर्य नमस्कार सबसे सात्विक व सर्वोपरि व्यायाम है। ये बातें गोपाल विद्या मंदिर में विश्व हिंदू परिषद हरियाणा प्रांत के दुर्गावाहिनी आयाम के चल रहे प्रांतीय प्रशिक्षण साप्ताहिक वर्ग के चौथे दिन मंगलवार को विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय सह मंत्री व मुख्य वक्ता रासबिहारी ने कही।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. एके चावला मुख्यातिथि रहे जबकि विशिष्ट अतिथि डॉ. सुमन अत्री व अमृता सैनी रहीं। इस दौरान रास बिहारी ने कहा कि मै सिर्फ हिंदू हूं और हिंदू की बात करता हूं। सिर्फ हिंदू ही विश्व कल्याण की बात करता है। उन्होंने दुर्गावाहिनियों से हिंदू दर्शन व परंपरा के संबंध में सवाल जवाब किए। उन्होंने बताया कि समुद्र धरती माता का वस्त्र आभूषण है। भगवान का स्मरण, स्वदेशी व भारत निर्मित वस्तुओं का प्रयोग, रोजाना समाचार पत्र को पढ़ना, रोजाना एक घंटा हिंदू समाज को देना और अपनी योग्यता का प्रयोग हिंदू समाज के लिए करना आदि हमारे हिंदू धर्म के मुख्य कार्य हैं। उन्होंने दुर्गाओं से श्लोकों को सुना और उनके अर्थात के बारे में जाना और अपनी योग्यता का प्रयोग हिंदू समाज के लिए करना है। उन्होंने कहा कि हमें पॉलिथीन का प्रयोग नहीं करना है। इस दौरान अधिकारियों के साथ ही 200 दुर्गावाहिनियां मौजूद रहीं।