जींद। निपुण हरियाणा मिशन के अंतर्गत राजकीय स्कूलों में रामलीला मंचन किया जाएगा। विद्यार्थी राम, लक्ष्मण और सीता सहित रामायण के अन्य पात्रों में नजर आएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में संस्कार पैदा करना है। रामलीला मंचन को लेकर विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने पत्र जारी किया है। निपुण रामलीला 22 सितंबर से 18 अक्तूबर तक की अवधि में किसी भी कार्य दिवस में करवाई जा सकती है।
प्राथमिक कक्षाओं में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान पर कार्य किया जा रहा है। इसी के तहत विद्यार्थियों को भाषा के विभिन्न पहलुओं जैसे धारा प्रवाह से पठन, शब्द पहचान, अक्षर ज्ञान और ध्वनि जागरूकता से परिचित करवाए जाने के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियां भी करवाई जाती है।
विद्यार्थियों को अपने से बढ़ों और व अन्य बच्चों के साथ बातचीत करने, खुद को रचनात्मक रूप से व्यक्त करने और आत्मविश्वास से संवाद करने के अवसर दिए जाने की गतिविधियां भी शामिल है। निपुण भारत मिशन के तहत साक्षरता कौशल के निर्माण के लिए रोल प्ले के महत्व पर अधिक जोर दिया गया है।
रोल प्ले को सीखने की एक गतिविधि भी माना गया है जो विद्यार्थियों में अभिव्यक्ति के कौशल को विकसित करने और बच्चों को सुनने, बोलने, पढ़ने व लिखने के कौशल को विकसित करने में भी मदद करता है। यह बच्चों को प्रभावशील वक्ता बनाने में सहायता करता है। इसी के अंतर्गत पिछले तीन वर्षों से निपुण रामलीला की गतिविधि निपुण लक्ष्यों को प्राप्त करने में अहम भूमिका निभा रही है।
इससे विद्यालयों, विद्यार्थियों, माता-पिता और समुदाय पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के भाषा विकास और संचार कौशल को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बन गया है। इस कार्यक्रम में माता-पिता व समुदाय का मिलने वाला सहयोग अतुलनीय है। निपुण रामलीला में भाग लेने के लिए कक्षा पहली से पांचवी के विद्यार्थियों को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करें।
कक्षा तीसरी, चौथी व पांचवी के बच्चों की तुलना में कक्षा पहली और दूसरी के बच्चों को बोलने के छोटे संवाद दिए जाएं। रामलीला के आयोजन के दौरान भाषा कौशल एवं अभिव्यक्ति को महत्व दिया जाना है जिसमें धारा प्रवाह के साथ बोलना एवं शुद्ध उच्चारण शामिल हो। इसमें बच्चों के स्तर को ध्यान में रखते हिंदी और अंग्रेजी भाषा का प्रयोग किया जाए। निपुण रामलीला को देखने के लिए उनके माता पिता को स्कूल में आमंत्रित किया जाए।
वर्जन
निपुण हरियाणा मिशन के अंतर्गत राजकीय स्कूलों में 22 सितंबर से लेकर 18 अक्तूबर तक किसी भी कार्य दिवस पर रामलीला मंचन का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में सभी बच्चों के अभिभावकों का आना जरूरी है क्योंकि अभिभावकों के साथ एक आकलन पत्र साझा किया जाएगा जिसमें अभिभावक अपने बच्चों का रामलीला के दौरान प्रतियोगिता में प्रतिभागिता व निपुण दक्षताओं का आकलन करेंगे। -राजपाल देशवाल, खंड शिक्षा अधिकारी जींद।