जेल से रेलवे जंक्शन के मुख्य मार्ग की 70 लाइटें बंद
- करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी लोगों को नहीं मिल रही सुविधा
- सड़क पर बैठे रहते हैं बेसहारा पशु, हादसों का खतरा बढ़ा
- नागरिक अस्पताल, बस स्टैंड और लघु सचिवालय भी इसी मार्ग पर हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। जिला जेल से रेलवे जंक्शन को जाने वाली शहर की मुख्य सड़क की 70 स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। नगर परिषद परिषद द्वारा करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी लोगों को सुविधा नहीं मिल रही है। इसी सड़क पर नागरिक अस्पताल, बस स्टैंड, पटियाला चौक और लघु सचिवालय भी हैं। रात के समय बेसहारा पशु सड़क पर बैठे रहते हैं, अंधेरे के कारण हादसों का खतरा बढ़ गया है।
नगर परिषद ने इस मार्ग पर लगभग 300 लाइटें लगाई थी लेकिन परिषद की लापरवाही के कारण लगभग 70 लाइटें नहीं जल रही हैं। इस कारण सड़क पर बैठे बेसहारा पशु लोगों को दिखाई नहीं देते और हादसों का कारण बन रहे हैं। शनिवार रात को लोको कॉलोनी निवासी 22 वर्षीय अमित की बाइक अंधेरे के कारण रेलवे रोड पर बैठे एक पशु से टकरा गई, जिसमें उसको चोट आई। यह शहर का सबसे व्यस्त मार्ग है। रात के समय भी यहां काफी ट्रैफिक रहता है। ठंड का मौसम होने के कारण अब धुंध भी शुरू हो चुकी है। रात के समय बेसहारा पशु सड़क के बीच में बैठे रहते हैं। लाइट नहीं जलने के कारण वाहन चालक सड़क पर बैठे इन पशुओं से टकरा जाते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं। शहर की लाइटों पर हर वर्ष नगर परिषद द्वारा करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं लेकिन इनका ठीक से रख-रखाव न होने के कारण काफी लाइटें बंद रहती हैं। लोगों को रात को अंधेरे से गुजरना पड़ता है।
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नहीं मिलता करोड़ों खर्च के बावजूद सुविधा का लाभ
जींद विकास संगठन के प्रधान राजकुमार गोयल ने कहा कि गोहाना रोड के अलावा कई कॉलोनियों में भी स्ट्रीट लाइटें खराब रहती हैं। अंधेरे का लाभ चोर उठा रहे हैं। इस बारे में नगर परिषद अधिकारियों से लेकर डीसी तक व्यापारी व अन्य सामाजिक संगठन मिल चुके हैं। सुविधा के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं लेकिन इसका लाभ लोगों को नहीं मिल रहा। काफी लाइटें केवल मामूली खराबी के कारण जलना बंद हो जाती हैं लेकिन इनकी समय पर न तो जांच की जाती है और न ही मरम्मत की जाती है। बेसहारा पशु सड़क के बीच में बैठ जाते हैं, जो अंधेरे के कारण दिखाई नहीं देते। नगर परिषद अधिकारियों को चाहिए कि इन लाइटों की समय-समय पर जांच करवाई जाए और जो बंद हों, उनको चालू करवाया जाए।
कई बार बिजली के किसी फेस में भी दिक्कत हो सकती है। इतनी ज्यादा संख्या में लाइटें बंद नहीं होनी चाहिए। समय-समय पर लाइटों की जांच करवाई जाती है। सोमवार को सभी लाइटों की जांच करवाई जाएगी। सभी लाइटों को ठीक करवाया जाएगा।
- जय कुमार, जेई, नगर परिषद
फोटो कैप्शन
05जेएनडी03 : गोहाना रोड पर बस स्टैंड के सामने बंद पड़ी लाइट। संवाद।
05जेएनडी04 : पटियाला चौक पर बंद पड़ी लाइट। संवाद।