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बागवानी और सफाई के लिए स्कूलों को प्रतिमाह मिलेंगे आठ-आठ हजार रुपये

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जींद। शिक्षा निदेशालय ने राजकीय प्राथमिक विद्यालयों को साफ-सफाई के लिए आठ-आठ हजार रुपये प्रतिमाह देने का निर्णय लिया है। इससे स्कूलों में सफाई को लेकर पैदा होने वाली समस्या दूर होगी और बागवानी से विद्यालय परिसर में हरियाली रहेगी। इससे बच्चों को भी पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिलेगा।
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शिक्षा निदेशालय ने अपने पत्र में कहा है कि साफ-सफाई, गृह व्यवस्था और बागवानी के कार्यों के लिए किसी भी प्रकार की आंशिक, अल्पकालिक, पूर्ण कालिक अनुबंध नियुक्ति नहीं की जाए। इस कार्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता अनुशासनहीनता के दायरे में आएगी तथा संबंधित विद्यालय मुखिया जिम्मेदार होंगे। विद्यालय मुखिया एसएमसी के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके विद्यालय में आवश्यकतानुसार किस-किस समय पर कौन सा कार्य कराया जाना है। इसका निर्धारण मासिक आधार पर एसएमसी की मासिक बैठक में किया जाएगा तथा एसएमसी की बैठक मेें ही इसे स्वीकृत किया जाएगा।
बजट जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से सभी विद्यालयों में जारी किया जाएगा तथा राशि का भुगतान एसएमसी की ओर से किया जाएगा। वांछित कार्य कर खर्च, उसका पर्यवेक्षण तथा भुगतान का पूरा रिकार्ड विद्यालय स्तर पर रखा जाएगा। यह बजट उन विद्यालयों के लिए उपलब्ध नहीं होगा जिन विद्यालयों के एजुसेट चौकीदारों की ओर से बहुउद्देश्यीय कर्मचारी का काम करने के लिए अपनी सहमति प्रदान की गई है तथा जिन विद्यालयों में समग्र शिक्षा की ओर से बहुउद्देश्यीय कर्मचारी लगाए गए हैं।
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साफ-सफाई और बागवानी के लिए प्रतिमाह आठ हजार रुपये बजट दिया जाएगा। इससे स्कूलों की नियमित सफाई होगी और बच्चों को पढ़ने के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा। आमतौर पर दाखिले के समय अभिभावक सोचते हैं कि सरकारी स्कूलों में बेहतर सफाई नहीं होती है। अब ऐसा नहीं होगा। कार्य कर खर्च, उसका पर्यवेक्षण तथा भुगतान का रिकार्ड विद्यालय स्तर पर रखा जाएगा।-सुशील कुमार जैन, खंड शिक्षा अधिकारी जींद।
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