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पुलिस के खिलाफ अनुसूचित जाति के लोगों ने किया प्रदर्शन

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शहर थाना प्रभारी के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे युवा। संवाद - फोटो : Jind
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महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर मोर पत्ती में दो समुदायों के बीच हुए विवाद में अब अनुसूचित जाति के लोगों ने पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। इसको लेकर लोगों ने मंगलवार को पंचायत की और एसडीएम कार्यालय तक प्रदर्शन किया। इन लोगों ने आरोप लगाया कि थाने में बुलाकर उनके साथ दुर्व्यवहार करने के साथ जातिसूचक शब्द कहे गए। हालांकि एसडीएम व डीएसपी ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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अनुसूचित जाति के लोगों ने शहर थाना प्रभारी के खिलाफ शहर में प्रदर्शन करते हुए निरीक्षक धर्मबीर पर जांच के दौरान जातिसूचक शब्द बोलने के आरोप लगाए। निरीक्षक धर्मबीर का कहना है कि उन पर जो आरोप लगाए गए हैं वे निराधार हैं। वहीं डीएसपी ताहिर हुसैन ने कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी। जो तथ्य सामने आएगा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के लिए महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर मोर पत्ती मोहल्ले में स्थित मंदिर के बाहर दो गुटों में झगड़ा हो गया था। इसमें एक गुट का आरोप था कि जब वह कांवड़ लेकर मंदिर की तरफ आ रहे थे तो रास्ते में खड़े कुछ लोगों द्वारा उनके साथ गाली गलोच किया गया और विरोध करने में मारपीट की गई। इसके बाद मंदिर में पत्थरबाजी हुई। वहीं दूसरे गुट का आरोप था कि शिव रात्रि पर जब कुछ युवक कांवड़ लेकर गली से गुजर रहे थे तो उनमें से कुछ युवकों ने गली में खड़ी महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की। वहां मौजूद लोगों को जातिसूचक गालियां देकर अपमानित किया। इस दौरान कुछ वाहनों को भी तोड़ दिया गया। इसके बाद अगले दिन दोनों पक्षों को शहर थाना प्रभारी ने थाने में बुलाया था। जिसमें एक गुट ने आरोप लगाए हैं कि प्रभारी ने अनुसूचित शब्द बोलकर उन्हें अपमानित किया। इस मामले में थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अनुसूचित जाति के लोगों ने डीएसपी व एसडीएम से मुलाकात की। अनुसूचित जाति के लोगों ने थाना प्रभारी पर आरोप लगाए है कि उन्हें थाने में बंद करके डरा-धमका कर मारपीट मामले में समझौता करने का दबाव डाला गया। इसके अलावा एक युवक ने यह भी आरोप लगाया है कि निरीक्षक धर्मबीर ने उसका एनकाउंटर करने की भी धमकी दी है। प्रदर्शन से पहले इंदिरा कॉलोनी में स्थित वाल्मीकि आश्रम में अनुसूचित जाति के लोगों की पंचायत भी हुई। पंचायत के बाद प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। उन्होेंने कहा कि जब पुलिस के अधिकारी ही उनके साथ ऐसा व्यवहार करते हैं तो ऐसे में उनसे न्याय की गुहार लगाना बेकार है। इस मामले में दोनों पक्षों के 32 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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सभी आरोप निराधार
जो आरोप लगाए जा रहे हैं वे निराधार हैं। इस प्रकार की कोई घटना थाने में नहीं हुई। दबाव बनाने के लिए इस प्रकार का प्रदर्शन किया जा रहा है। दोनों पक्षों ने शिकायत दी थी। दोनों पक्षों के लोगों के खिलाफ केस भी दर्ज किए गए हैं। पुलिस के लिए हर व्यक्ति समान है। इसमें अमीर, गरीब, ऊंच, नीच या बड़ा छोटा नहीं, सिर्फ लोगों की सुरक्षा व सहयोग की भावना होती है।
धर्मबीर, शहर थाना प्रभारी।
समाज के लोगों ने शहर थाना प्रभारी धर्मबीर सिंह के खिलाफ एक शिकायत दी है। इसमें आरोप लगाया गया है कि थाने में बुलाकर उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। उनको जातिसूचक शब्द बोलकर अपमानित किया गया। शिकायत की जांच की जाएगी और जांच में जो भी सामने आएगा उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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ताहिर हुसैन, डीएसपी नरवाना।
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