परिवार पहचान पत्र बनने के बाद राशन कार्ड में दर्ज सदस्यों की संख्या बदल रही है। ऐसे में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने अब 31 मार्च तक जिले के सभी 2,28,032 राशन कार्डधारकों के कार्डों का मिलान परिवार पहचान पत्र के साथ करने का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए मंगलवार को जिले के चार खंडों के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कार्यालय में मंगलवार को नरवाना, उचाना, अलेवा तथा सफीदों में तैनात विभाग के निरीक्षक, उपनिरीक्षक और डाटा एंट्री ऑपरेटरों का मिलान, गलत नाम को काटना, कम नाम को जोड़ने समेत सभी प्रकार की जानकारी दी गई। अब बुधवार को अन्य खंडों के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि वह अपने खंड के उपभोक्ताओं के राशन कार्ड का मिलान परिवार पहचान पत्र के साथ कर सकें। इसमें किसी प्रकार की कमी मिली तो उसका सुधार किया जाएगा। इस काम के चलते खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने जिले से खंड स्तर पर राशन कार्ड में होने वाले सभी प्रकार के बदलाव के काम स्थगित कर दिए थे, ताकि पीपीपी व राशन कार्ड के मिलान में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
यूं बदले सदस्य
कई परिवारों ने पहले संयुक्त रूप से राशन कार्ड बनवाए थे। जबकि अब परिवार पहचान पत्र एक से अधिक बनवा लिए। इसके चलते अब बीपीएल राशन कार्ड के मुखिया के परिवार पहचान पत्र में जो नाम नहीं होंगे, उन्हें विभाग राशन कार्ड से हटा देगा।
यह है राशन कार्डों की संख्या
राशन कार्ड एपीएल एएवाई ओपीएच सीबीपीएल एसबीपीएल
संख्या 77269 18076 84540 12544 35692
31 मार्च तक करवाया जाएगा जांच का कार्य
जिले में अब तक बने परिवार पहचान पत्र व राशन कोर्डों के मिलान का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके लिए कार्यालय में प्रशिक्षण का काम शुरू कर दिया गया है। अब प्रशिक्षण के बाद 31 मार्च तक जिले के सभी खंडों में मिलान का काम पूरा किया जाएगा। इसमें नया नाम जोड़ना है या फिर काटना है। दोनों में परिवार के सदस्यों की संख्या की जांच की जाएगी।
सुरेंद्र सैनी जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक जींद।