पुतला फूंककर रोष प्रकट करते अनुसूचित जाति के लोग।
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जींद। अनुसूचित जाति के लोगों ने मांगों के लिए थाली बजाकर प्रदर्शन करते हुए प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। उन्होंने धरनास्थल से लेकर बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक तक प्रदेश सरकार की शवयात्रा निकाली और फिर वापस धरनास्थल पर पुतला फूंका और एसपी नरेंद्र बिजरानिया को ज्ञापन सौंपा।
धरना संचालक दिनेश खापड़ ने कहा कि देश का संविधान प्रत्येक नागरिक को स्वतंत्रता, समानता और आजादी का अधिकार देता है। लेकिन देश आजाद होने के 74 साल बाद भी आज के समय में भी गांव खापड़ व छात्तर के अनुसूचित जाति समाज के लोगों का सामाजिक बहिष्कार किया जा रहा है। पीड़ित परिवार के लोग न्याय के लिए और आरोपियों की गिरफ्तारी करवाने के लिए 40 दिनों से धरने पर बैठे हैं। लेकिन उन्हें आज तक न्याय नहीं मिला। प्रदेश सरकार आरोपियों को गिरफ्तारी से बचाने का काम कर रही है और पीड़ितों को न्याय से वंचित कर रही है। गांव खापड़ में 20 परिवारों और छात्तर में 150 परिवारों का सामाजिक बहिष्कार किया गया है। पुलिस द्वारा गांव खापड़ व छात्तर में अनुसूचित जाति का सामाजिक बहिष्कार करने वाले आरोपी व खरकगादियां वाले मामले सहित सभी लोगों की गिरफ्तारी नहीं होने के विरोध में पीड़ितों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। उन्होंने कहा कि सामाजिक बहिष्कार के चलते गांव खापड़ के पांच परिवार 84 दिनों से गांव से बाहर हैं और गांव छात्तर व खरकगादियां के पीड़ितों के साथ धरने पर बैठे हैं।