जींद। रोडवेज अधिकारियों की लेटलतीफी से बसों में आधुनिक सुविधाओं का लाभ यात्रियों को नहीं मिल पा रहा है। सितंबर 2023 में आई रोडवेज बसों में गुजरात की कंपनी ने बस में माइक व डिस्प्ले सिस्टम लगाए थे। कंपनी ने डेमो के तौर पर बड़ौदरा का रूट फीड किया था।
डिपो में आने के बाद स्थानीय अधिकारियों ने नए रूट फीड नहीं करवाए, जिससे बसों में जींद से बड़ौदरा का रूट डिस्प्ले पर चलता रहा। इसकी शिकायत यात्रियों ने अधिकारियों से की, जिस पर अधिकारियों ने डिस्प्ले में तय रूट फीड करने की बजाय उनका कनेक्शन ही काट दिया।
इसके चलते यह डिस्प्ले लगभग दो साल से बंद हैं। लगभग दो साल पहले जींद डिपो में लगभग 80 नई बस आई थी। बस में तीन जगह डिस्पले स्क्रीन लगी हैं।
एक स्क्रीन बस के मेन शीशे पर, दूसरी स्क्रीन बस के अंदर और तीसरे स्क्रीन बस के पिछले वाले शीशे पर लगी है। इस स्क्रीन पर बस का रूट डिस्पले होता है, जो अभी बंद है। बता दें कि जींद डिपो में इस समय लगभग 168 बस ऑनरूट हैं, जिसमें हर रोज लगभग 16 हजार यात्री सफर करते हैं।
लगभग दो साल पहले जींद डिपो में 80 से ज्यादा नई बस आई थी। इसके बाद अब तक नई बस नहीं आई हैं। दो साल पहले आई बसों में अब तक रूट डिस्पले स्क्रीन को ठीक नहीं किया गया है।
जिन रोडवेज बसों में डिस्पले स्क्रीन लगी है और उनमें रूट फीड नहीं है तो रूट चार्ज फीड करवया जाएगा। इससे यात्रियों को बसों के संचालन को लेकर और रास्ते में कौन सा स्टॉप आया है, यह पता लगाने में आसानी रहे। रोडवेज का प्रयास है कि यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा दी जा सके।
राहुल जैन, रोडवेज महाप्रबंधक, जींद डिपो।