जींद। रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के आह्वान पर कर्मचारियों ने बुधवार को डिपो में दो घंटे का विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने महाप्रबंधक राहुल जैन को परिवहन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।
प्रदर्शन की अध्यक्षता राममेहर रेढू, अनिल गौतम, सोमबीर जांगड़ा, सुरेंद्र सिंह, सुल्तान सिंह और पवन मलिक ने की, जबकि संचालन नीतीश शर्मा ने किया।
मोर्चा के वरिष्ठ नेता अनूप लाठर, सुरेंद्र सिंह, संदीप रंगा और सज्जन रेढू ने कहा कि 25 जुलाई को परिवहन मंत्री के आवास के घेराव के दौरान मंत्री ने कर्मचारियों के बीच पहुंचकर ज्ञापन लिया था और 15 दिन के भीतर मांगों को लेकर बैठक बुलाने का आश्वासन दिया था। निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद बैठक के संबंध में कोई पत्र जारी नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में परिचालकों का पे-ग्रेड बढ़ाना, लिपिकों की तर्ज पर तीन वेतन वृद्धि देना, जोखिम वाली ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को जोखिम भत्ता देना, चालकों का पे-ग्रेड बढ़ाना तथा स्टैंड इंचार्ज का पद सृजित कर पदोन्नति देना शामिल है।
इसके अलावा 2016 में भर्ती चालकों को पक्का करने, 2018 में भर्ती कर्मशाला कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर पदोन्नति देने तथा एचकेआरएन के माध्यम से लगे परिचालकों सहित सभी कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी की गई।
कर्मचारियों ने इलेक्ट्रिक बसों की ठेका व्यवस्था समाप्त करने, अर्जित अवकाश का लाभ पहले की तरह देने, कार्यालय सहायकों के पद बढ़ाकर लिपिकों की पदोन्नति करने की मांग भी उठाई।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द मांगों का समाधान नहीं किया तो कर्मचारी आंदोलन तेज करेंगे। रोडवेज कर्मचारी हड़ताल कर आम जनता को परेशानी नहीं पहुंचाना चाहते लेकिन सरकार द्वारा वार्ता की पहल नहीं किए जाने के कारण उन्हें मजबूरन पांच और छह सितंबर को प्रदेशभर के रोडवेज डिपो में दो दिवसीय राज्यव्यापी चक्का जाम करना पड़ेगा। प्रदर्शन में राजकुमार रधाना, बिजेंद्र सांगवान, नरेंद्र शर्मा, सुभाष वैद्य, भीम सिंह, विजय शर्मा, रामनिवास शर्मा, राजेश कुमार, जयबीर सिंह, सतीश कुमार, बलकार रेढू, विपिन कुमार, रघबीर सिंह, जितेंद्र सिंह और प्रदीप कुंडू मौजूद रहे।