जींद बस स्टैंड में खड़ी रोडवेज की बस।
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कोरोना संक्रमण की वजह से रक्षाबंधन पर रोडवेज द्वारा 14 साल में पहली बार महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा नहीं दी जा रही है। इसका मकसद कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने का प्रयास करना है।
जानकारी के लिए रक्षाबंधन के दिन महिलाएं अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए जाती हैं, जिसकी वजह से बसों में महिलाओं की भीड़ अधिक होती है। हर बार रक्षाबंधन पर प्रदेश की महिलाओं को निशुल्क यात्रा करवाई जाती थी, मगर इस बार उन्हें टिकट लेकर यात्रा करनी पड़ेगी। महिलाओं को सोशल डिस्टेंस के तहत काउंटर से ही टिकट दिया जाएगा। यात्रा से पहले थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। जिस रूट पर यात्रियोें की संख्या 35 हो जाएगी उस पर बस को भेजा जाएगा। वहीं यात्रियों का पता, मोबाइल नंबर व अन्य जानकारी दर्ज करने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। मास्क लगाकर आने वाले व्यक्ति को ही बस स्टैंड में प्रवेश दिया जाएगा। भले ही इस बार रक्षाबंधन पर महिलाओं से बस में किराया वसूला जाएगा, लेकिन महिलाओं की सुविधा के लिए तीन और चार अगस्त को जींद डिपो प्रशासन अपनी सभी बसों को चलाएगा। वहीं डिपो में 600 से अधिक चालकों और परिचालकों को जीएम ने तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल इस समय जींद डिपो की 80 बसें ऑन रूट हैं। लॉकडाउन से पहले डिपो की 165 बसें ऑनरूट होती थीं।
सभी चालक और परिचालकों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। रक्षाबंधन पर भीड़ ज्यादा होने की संभावना को देखते हुए ज्यादातर बसों को ऑनरूट किया जाएगा। जिस रूट पर यात्रियों की संख्या ज्यादा होगी उस पर बस को भेजा जाएगा। एक बस में ज्यादा से ज्यादा 35 यात्रियों को सफर करने की अनुमति होगी। कोरोना संक्रमण को देखते हुए यात्रियों को सरकार द्वारा जारी सभी दिशा -निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
बिजेंद्र सिंह, रोडवेज जीएम जींद।