जींद। भारतीय जनता पार्टी की ओर से शनिवार को शहर में तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस दौरान अचानक प्रशासन ने रूट डायवर्ट कर दिया, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। इस दौरान प्रशासन ने गोहाना रोड, रानी तालाब, नई सब्जी मंडी मोड़ व पुरानी सब्जी मंडी मोड़ पर सुरक्षा की दृष्टि से रास्ते बंद कर दिए। सुबह नौ बजे से दोपहर करीब एक बजे तक यह रास्ते बंद रहे। प्रशासन की ओर से तिरंगा यात्रा के लिए पहले से रूट डायवर्जन की कोई सूचना नहीं दी गई थी जिससे राहगीरों के समक्ष मुश्किल खड़ी हो गई।
वहीं रानी तालाब पर जींद के भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा व हांसी से भाजपा विधायक विनोद भ्याणा की मौजूदगी में तिरंगा फहराने से पहले ही राष्ट्रीय गान बजाया गया। हालांकि इस पर जींद के विधायक ने कहा कि डीजे वाले ने गलती से राष्ट्रीय गान बजा दिया।
शनिवार को भाजपा द्वारा जयंती देवी मंदिर से बाजार के बीच से होते हुए रानी तालाब तक तिरंगा यात्रा निकाली गई। इसके चलते सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने पहले तो बस स्टैंड के पास मिनी बाईपास पर नाका लगाया। यहां से रानी तालाब की तरफ किसी भी वाहन को नहीं जाने दिया जा रहा था। यदि किसी को गोहाना रोड पर दुकान पर भी जाना था तो उसे मिनी बाईपास से कांग्रेस भवन, पत्थर मार्केट का रास्ता अपनाना पड़ा। इसके बाद बाल भवन मोड़ पर फिर से नाका लगाया गया। यहां पुरानी अनाज मंडी की ओर जाने वाले वाहनों को डाकघर वाली गली से निकाला गया। यह गली तंग होने के कारण वाहनों को अंडरपास से देवीलाल चौक के रास्ते पहुंचाना पड़ा। इसके बाद रानी तालाब से लोगों को जयंती देवी मंदिर की ओर नहीं जाने दिया जा रहा था। फिर नई सब्जी मंडी मोड़ पर वाहनों को रोका गया और इसके बाद पुरानी सब्जी मंडी मोड़ पर फिर से नाका लगाया गया।
जाम में फंसे लोग
पुलिस द्वारा की गई व्यवस्था के चलते शहर में कई जगह जाम की स्थिति रही। वहीं रोहतक रोड को भिवानी रोड से जोड़ने वाला आरओबी भी बंद है। ऐसे में देवीलाल चौक व बस स्टैंड के पास दोपहर तक जाम की स्थिति रही। तिरंगा यात्रा समाप्त होने के बाद शहर की यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी।
पुलिसकर्मियों के साथ हुई झड़प
कुछ लोगों को पुलिस द्वारा लगाए गए नाके से कुछ ही आगे तक जाना था, लेकिन पुलिस इनको जाने नहीं दे रही थी। ऐसे में लोगों की पुलिसकर्मियों के साथ बहस भी हुई। हालांकि लोगों को रास्ता बदल कर ही जाना पड़ा।
राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद गाया जाता है राष्ट्रीय गान
केंद्रीय गृहमंत्रालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार राष्ट्रीय गान राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद ही गाया जाता है। तिरंगा फहराने से पहले राष्ट्रीय गान गाना गलत है। इसमें तीन साल तक की सजा व जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन इसमें तिरंगे के अपमान की मंशा सिद्ध होनी चाहिए।
- विनोद बंसल, वरिष्ठ एडवोकेट, जींद।
तीन साल पहले उठाई थी मांग
हमने तीन साल पहले जींद में तिरंगा लगाने की मांग उठाई थी। इसके लिए प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज को ज्ञापन भी दिया गया। मांग की गई थी कि जींद में प्रदेश का सबसे ऊंचा तिरंगा हो, जिससे जींद को नई पहचान मिल सके, लेकिन यहां 100 फुट का तिरंगा लगाया गया है।
- घनश्याम, वकील।
वर्जन-
तिरंगा सभी के लिए सम्मान का प्रतीक है। कोई भी इसके अपमान की सोच नहीं सकता। राष्ट्रीय गान ध्वजारोहण के बाद ही बजाया जाना था। गलती से डीजे वाले ने राष्ट्रीय गान बजा दिया। हालांकि इसे बंद करवा दिया गया।
- डॉ. कृष्ण मिड्ढा, भाजपा विधायक जींद।
वर्जन-
हमारी ड्यूटी कानून व्यवस्था बनाने में थी। ऐसे में राष्ट्रगान व ध्वजारोहण का काम आयोजकों का था। यदि रास्ते बंद नहीं किए जाते तो शहर में और अधिक जाम लगा सकता था। सिर्फ व्यवस्था बनाने के लिए ही रास्ते बंद कर यातायात को उचित मार्गों से निकाला गया।
- धर्मवीर खर्ब, डीएसपी।