फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind News: 12 करोड़ से जीर्णोद्धार की खुली पोल, ओवरफ्लो टंकी से नागरिक अस्पताल की छत से टपका पानी

विज्ञापन
02जेएनडी24,25,26: नागरिक अस्पताल के एमरजेंसी भवन के अंदर व बाहर छत से टपक रहा पानी। संवाद
विज्ञापन
जींद। नागरिक अस्पताल के जीर्णोद्धार पर खर्च किए गए 12 करोड़ रुपये की गुणवत्ता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार सुबह अस्पताल की छत पर लगी पानी की टंकी के ओवरफ्लो होने से इमरजेंसी वार्ड के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने फॉल सीलिंग से पानी टपकने लगा।
विज्ञापन

अचानक छत से पानी गिरता देख मरीज, उनके तीमारदार और अस्पताल कर्मचारी घबरा गए। जिस जगह पानी गिर रहा था, उसके पास बिजली के उपकरण और वायरिंग भी मौजूद थी। इससे बड़ा हादसा हो सकता था।
नागरिक अस्पताल में लगभग छह से सात महीनों से जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण का कार्य चल रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना और भवन को नया रूप देना है लेकिन काम पूरा होने के बाद से ही इसकी गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
विज्ञापन

कई जगहों पर निर्माण में खामियां पहले भी सामने आ चुकी हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी इस पर आपत्ति जताई थी। शिकायतों के बाद विजिलेंस जांच भी शुरू की गई लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। अब ताजा घटना ने एक बार फिर पूरे निर्माण कार्य की पोल खोल दी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छत पर लगी पानी की टंकी में ओवरफ्लो हो रहा था। टंकी से निकला पानी उचित निकासी व्यवस्था न होने के कारण छत पर फैल गया और धीरे-धीरे भवन के अंदर पहुंच गया। पानी का रास्ता फॉल सीलिंग तक पहुंचा, जिससे वह टूटकर गिरने लगा।
जांच में पता चला कि छत पर लगी पानी की टंकी ओवरफ्लो हो रही थी। टंकी से निकला पानी उचित निकासी व्यवस्था न होने के कारण छत पर फैल गया और और धीरे-धीरे भवन के अंदर पहुंच गया। इमरजेंसी गेट के सामने लगी फॉल सीलिंग से पानी झरने की तरह गिरने लगा। अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में इस तह की स्थिति न केवल अव्यवस्था को दर्शाती है बल्कि मरीजों की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।
इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर जल निकासी, बिजली व्यवस्था और संरचनात्मक सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए लेकिन यहां इन मानकों की अनदेखी होने की बात सामने आ रही है।
दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो : राजकुमार गोयल
समाजसेवी राजकुमार गोयल ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद मूलभूत ढांचे पर ध्यान नहीं दिया गया। आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में केवल बाहरी सजावट और रंग-रोगन पर ज्यादा ध्यान दिया गया जबकि जल निकासी और सुरक्षा जैसे अहम पहलू नजरअंदाज कर दिए गए। उन्होंने मांग की कि पूरे जीर्णोद्धार कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच होनी चाहिए और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।
वर्जन
उनके संज्ञान में यह मामला आया है। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर छत से पानी टपकने को लेकर लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा। काम में जो कमी है। उसको दुरूस्त करवाया जाएगा। विभाग को इस बारे में पत्र लिखा जाएगा। -डॉ. सुमन कोहली, सीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।

02जेएनडी24,25,26: नागरिक अस्पताल के एमरजेंसी भवन के अंदर व बाहर छत से टपक रहा पानी। संवाद

02जेएनडी24,25,26: नागरिक अस्पताल के एमरजेंसी भवन के अंदर व बाहर छत से टपक रहा पानी। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें