जींद जिले के नरवाना कस्बे में आजाद नगर निवासी मोहित (24) की सोमवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि रात को तबीयत बिगड़ने पर मोहित को नरवाना के नागरिक अस्पताल ले गए थे लेकिन चिकित्सकों ने मोहित को सही इलाज नहीं दिया।
रात को ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. हरदीप कौर ने कहा कि रात को लगभग डेढ़ बजे मोहित को अस्पताल लाया गया था। इससे 10-15 मिनट पहले ही वह बच्चे को खाना खिलाने गई थी। मरीज को इंजेक्शन देने के साथ ऑक्सीजन लगाने को कहा गया, लेकिन मरीज ने ऑक्सीजन लगाने से मना दिया। मरीज की स्थिति बिल्कुल नॉर्मल थी। मरीज ने खुद कहा कि वह घर जाना चाहता है, लेकिन जब पता चला कि उसने वैक्सीन लगवाई है तो उसे सुबह तक रुकने के लिए कहा गया, लेकिन परिजन नहीं माने और उसे ले गए।
घटना के बाद नरवाना के नागरिक अस्पताल में कोरोना टीकाकरण का काम बाधित रहा। टीका लगवाने के लिए लोग सुबह नौ बजे ही लाइन में लग गए, लेकिन टीकाकरण केंद्र सुबह साढ़े नौ बजे के बाद खुला। इसके चलते कुछ लोग बिना टीका लगवाए वापस लौट गए।
हां इस प्रकार का मामला सामने आया है। इसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। पोस्टमार्टम के बाद ही युवक की मौत के कारणों का पता लग सकेगा। -डॉ. देवेंद्र बिंदलिश, एसएमओ, नरवाना।