प्रदेश सरकार द्वारा की नई व्यवस्था लोगों पर भारी पड़ रही है। इससे जिले भर की सातों तहसील में जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही हैं। मंगलवार को दूसरे दिन भी लोग मायूस होकर वापस चले गए। जिले की सातों तहसील कार्यालयों में कुल 128 लोगों ने जमीन की रजिस्ट्री के लिए समय लिया था लेकिन कहीं भी रजिस्ट्री नहीं हो पाई।
तहसील कार्यालय के कर्मचारियों ने बताया कि पहले वित्तीय वर्ष के अनुसार ही तहसील का काम चलता था। एक अप्रैल को नई रजिस्ट्री शुरू की जाती थी लेकिन इस बार सरकार ने अचानक ही रजिस्ट्री के लिए एक जनवरी से नया साल तय कर दिया। ऐसे में रजिस्ट्री ऑनलाइन दर्ज की जाती हैं और कंप्यूटर पहले से तय व्यवस्था के अनुसार ही तारीख व रजिस्ट्री नंबर उठा रहा है। इसके चलते रजिस्ट्री का काम बंद है।
ऐसे समझें बदलाव को
पहले एक अप्रैल से नई रजिस्ट्री का क्रमांक शुरू किया जाता था। किसी भी तहसील में एक अप्रैल को होने वाली पहली रजिस्ट्री को एक नंबर दिया जाता है। ऐसे में अब यह व्यवस्था एक जनवरी से की जानी थी, लेकिन कंप्यूटर में तय व्यवस्थाओं के अनुसार क्रमांक नंबर एक से शुरू नहीं हो रहे। ऐसे में रजिस्ट्री का काम बंद किया गया है।
उचाना में सबसे अधिक लोगों ने लिया समय
रजिस्ट्री से पहले रजिस्ट्री करवाने वालों को ऑनलाइन पोर्टल से अप्वाइंटमेंट लेनी होती है। हालांकि विभाग के पोर्टल पर अप्वाइंटमेंट तो दी जा रही है लेकिन रजिस्ट्री नहीं हो रही। इसके तहत चार जनवरी के लिए सबसे अधिक अप्वाइंटमेंट उचाना तहसील के लिए ली गई। उचाना तहसील में कुल 42 लोगों ने अप्वाइंटमेंट ली। इसके अलावा जुलाना में 37, नरवाना में 31, सफीदों में 33, पिल्लूखेड़ा में चार व जींद तहसील में 19 लोगों ने अप्वाइंटमेंट ली हैं।
कंप्यूटर नहीं हुए अपडेट
कंप्यूटर अपडेट नहीं होने के कारण मंगलवार को भी रजिस्ट्री नहीं हो पाई। इसके लिए सरकार को पत्र भेजा गया है। जैसे ही व्यवस्था शुरू हो जाती है, रजिस्ट्री शुरू कर दी जाएंगी।
-अजय कुमार सैनी, तहसीलदार, जींद।