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छात्तर व खापड़ गांवों में सामाजिक बहिष्कार के केस वापस लेने व गिरफ्तारी करने के विरोध में प्रशासन को थुआ तपा के लोगों ने चेताया

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लघु सचिवालय में डीसी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थुआ तपा के लोग। - फोटो : Jind
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24 घंटे में लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे लोगों का धरना हटवाने के लिए प्रशासन को थुआ खाप के लोगों ने अल्टीमेटम दिया है। यह अल्टीमेटम छात्तर व खापड़ गांवों में अनुसूचित जाति के लोगों के सामाजिक बहिष्कार के आरोप में सामान्य वर्ग के लोगों पर दर्ज हुए एससी एसटी एक्ट के मामले को रद्द करवाने के लिए भी दिया गया है।
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थुआ तपा के लोगों ने कहा कि अगर प्रशासन ने अनुसूचित जाति के लोगों का धरना नहीं उठवाया तो थुआ तपा के लोग भी इनके बराबर में ही अपना धरना शुरू करेंगे। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इसको लेकर थुआ तपा के लोगों ने पहले अर्जुन स्टेडियम में बैठक की और फिर प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां लोग डीसी नरेश नरवाल को ज्ञापन देने पर अड़े रहे। इसके चलते करीब ढाई घंटे तक धरना दिया। इस पर लोगों को बताया कि डीसी जिले से बाहर हैं। ऐसे में एडीसी साहिल गुप्ता को ज्ञापन दिया गया।
पूनिया खाप के प्रवक्ता एडवोकेट जितेंद्र छात्तर, आजाद पालवां, सतबीर पहलवान, पूनम रेढू, कविता रेढू ने कहा कि कुछ बाहरी लोग गांव में माहौल खराब कर रहे हैं। इस दौरान ग्रामीणों के साथ पहुंचे गांव के ही अनुसूचित जाति के लोगों ने कहा कि गांव में कुछ लोगों का आपसी विवाद हो गया था। जिसके बाद कुछ बाहरी लोगों ने इस मामले को भड़काने का काम किया और इस मामले को जातीय रंग देकर अपने स्वार्थ की पूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर जिला प्रशासन गांव के लोगों पर दर्ज इन झूठे मुकदमों को रद्द नहीं करता है तो वह बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस अवसर पर छात्तर से सतबीर, प्रकाश वाल्मीकि, मंगू बंगड़, कृष्ण, कपूरा वाल्मीकि, जगदीश धीमान, टेकराम, पुरुषोत्तम शर्मा मौजूद रहे।
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आज डीसी के साथ होगी कमेटी की बैठक
पूनिया खाप के प्रवक्ता एडवोकेट जितेंद्र छात्तर ने बताया कि डीसी के साथ तय हुआ है कि बुधवार को डीसी व एसपी के साथ उनकी कमेटी की बैठक होगी। इसमें थुआ तपा के अंदर आने वाले सभी गांवों से सभी जातियों के लोग शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपने निजी हितों के लिए गांव का माहौल खराब कर रहे हैं जबकि गांव की 36 बिरादरी का आपसी तालमेल आज भी बेहतर है। उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल व गृहमंत्री अनिल विज के नाम ज्ञापन भी सौंपकर मुकदमों को रद्द करवाने की मांग की।
हथियारों के लाइसेंस रद्द करने की मांग
इस मामले में थुआ तपा के लोगों ने मांग की कि अनुसूचित जाति के लोगों का नेतृत्व करने वाले बाहरी लोगों के हथियारों के लाइसेंस रद्द करवाए जाएं। इसके अलावा इनके खातों की भी जांच करवाई जाए। उनको संदेह है कि इन लोगों को फंडिंग मिल रही है। जिसके बल पर यह समाज को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
अनुसूचित जाति के लोगों के धरना स्थल पर बढ़ाई सुरक्षा
लघु सचिवालय के बाहर धरना देर रहे अनुसूचित जाति के लोगों की पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाई, ताकि दोनों पक्षों के बीच कोई बड़ा विवाद न हो जाए। इसके लिए महिला व पुरुष पुलिस के जवान तैनात रहे।
डीसी को ज्ञापन देने की मांग पर अड़े ढाई घंटे बाद एडीसी को सौंपा ज्ञापन
थुआ तपा के लोगों ने इस मामले में डीसी को ज्ञापन देने के लिए ढाई घंटे तक इंतजार किया लेकिन डीसी के मौके पर नहीं पहुंचने के बाद एडीसी साहिल गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर बुधवार को डीसी के साथ सद्भावना कमेटी के साथ बैठक करने का निर्णय लिया।
सभी जातियों के लोगों ने दिखाई एकता
छात्तर गांव की सभी जातियों के लोगों ने अपनी अपनी जातियों के बैनर लेकर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और ग्रामीणों पर दर्ज इन मामलों को झूठा बताकर, अनुसूचित जाति के कुछेक लोगों को गांव का माहौल खराब करने के लिए जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि जो लोग गांव में इस तरह का माहौल पैदा कर रहे हैं, वह निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए समाज को तोड़ना चाहते हैं।
तीन घंटे तक रानी तालाब से एसडी स्कूल तक रही सड़क जाम
छात्तर गांव के लोगों की अर्जुन स्टेडियम में लगभग तीन घंटे तक बैठक चली। इसके चलते प्रशासन ने बड़े वाहनों के लिए वहां से रूट डायवर्ट कर दिए। इस सड़क पर ग्रामीणों के ट्रैक्टर ट्रॉलियों के खड़े होने के कारण रास्ता बंद हो गया था। जिसके चलते वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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