हरियाणा के जींद जिले के उचाना विधानसभा के गांव खटकड़ में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला द्वारा मैराथन को हरी झंडी दिखाने के दौरान सद्भावना यात्रा निकालने की तैयारी कर रहे किसानों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। जब तक कार्यक्रम चला, सात किसानों को नरवाना सदर थाना में रखा गया और इसके बाद रिहा कर दिया। इस पर किसानों ने पहले मैराथन शुभारंभ स्थल (खटकड़ टोल) पर गंगाजल छिड़का और इसके बाद यहां हवन कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
किसान नेता आजाद पालवां के अनुसार वे लोग सिर्फ शांतिपूर्ण यात्रा निकाल रहे थे, लेकिन सरकार ने उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया है। सुबह तहसील परिसर से पुलिस द्वारा भाकियू जिलाध्यक्ष आजाद पालवां सहित सात किसानों को नरवाना सदर थाना ले जाया गया। किसान नेताओं, किसानों को हिरासत में लेने की जानकारी मिलने के बाद किसान उचाना पुलिस थाना पहुंचे और इसे प्रजातंत्र का गला घोंटने वाली कार्रवाई बताकर विरोध जताया।
पुलिस से नहीं दबेगी किसान की आवाज
महिला प्रधान सिक्किम सफाखेड़ ने कहा कि किसानों ने उस समय तक यात्रा शुरू भी नहीं की थी। पुलिस ने तानाशाही करते हुए उनके साथ आजाद पालवां, पूनम बडनपुर, कलेश बडनपुर, धर्मवीर उचाना कलां, सुमित कापड़ो व रघुबीर पालवां को हिरासत में ले लिया। इसके बाद पांच घंटे तक थाने में रखा। उन्होंने कहा कि किसानों को सरकार पुलिस के माध्यम से दबाना चाहती है, लेकिन किसान दबने वाले नहीं हैं।