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सुप्रीम कोर्ट से केस हारने वाले शारीरिक शिक्षक उपमुख्यमंत्री से मिलने के लिए पहुंचे

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उपमुख्यमंत्री से मिलने के लिए जींद पहुंचे शिक्षक। - फोटो : Jind
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2010 में भर्ती हुए 1983 शारीरिक शिक्षकों की भर्ती सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द करने के बाद प्रदेश के शारीरिक शिक्षक बुधवार को जींद में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से मिलने पहुंचे।
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शिक्षकों ने कहा कि सरकार विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए इन शिक्षकों को राहत दे सकती है। इस पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट का फैसला है और इस पर वे कुछ नहीं कह सकते। इसके लिए शिक्षक सुप्रीम कोर्ट में ही फैसले पर रोक के लिए याचिका दायर करें और वे कानूनी रूप से मदद करने को तैयार हैं।
उपमुख्यमंत्री के जींद आने की सूचना मिलते ही सुबह 11 बजे शिक्षक पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के बाहर जुटने लगे। यहां भीड़ होते देख कर पुलिस ने शिक्षकों को यहां से जाने के लिए कहा तो वे जेजेपी कार्यालय के सामने वाले पार्क में एकत्रित हो गए। दोपहर बाद तीन बजे दुष्यंत चौटाला ने आकर मुलाकात की। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर वे कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। इसके लिए उन्हें चाहिए कि जल्द सुप्रीम कोर्ट म याचिका दायर करें। यदि शिक्षकों को दिल्ली जाने में दिक्कत है तो वे एक गाड़ी का पास जारी करवा सकते हैं। साथ ही किसी अच्छे वकील से मिलने में दिक्कत है तो उनसे बात कर सकते हैं।
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हम नहीं चाहते किसी का रोजगार जाए
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हम नहीं चाहते कि किसी का रोजगार जाए। यही कारण है कि अब तक रिलीव नहीं किया गया है। उन्हें समय दिया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट में दोबारा याचिका लगाएं।
बड़े नाम से कुछ नहीं होता
इस दौरान दुष्यंत चौटाला ने कहा कि वे अच्छा वकील करें। इस पर शिक्षकों ने एक प्रतिष्ठित वकील का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें वे अपना वकील बनाना चाहते हैं। इस पर चौटाला ने कहा कि यदि उनके पास समय है तो देख लें, लेकिन बड़े नाम से कुछ नहीं होता। चौटाला ने कहा कि उनके केस में भी वे एक बड़े वकील को लेकर गए थे, लेकिन हार गए।
भावुक हुई महिला शिक्षक
इस दौरान एक महिला शिक्षक दुष्यंत चौटाला से बात करते हुए भावुक हो गई। महिला ने कहा कि वे बताएं इस पूरे मामले में शिक्षकों की क्या गलती है। इस पर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आप बताएं मेरी क्या गलती है। इस पर महिला ने कहा कि वे भाई के नाते बात कर रही हैं तो दुष्यंत चौटाला ने कहा कि वे भी बहन के ही नाते बता रहे हैं। इस मामले में जल्द अपील की जानी चाहिए। वे सरकारी तरफ से बात नहीं कर रहे हैं।
प्रधान को रोका
शिक्षकों से बातचीत के दौरान पहले दुष्यंत चौटाला ने अपनी बात कही। इसके बाद शिक्षकों के प्रधान वजीर गांगोली जब अपनी बात करने लगे तो उन्होंने संबोधन शुरू किया। इस पर चौटाला ने उन्हें रोक दिया और कहा कि वे भाषण नहीं अपनी बात रखें।
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