प्रदेश के चर्चित शराब घोटाले को लेकर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि यह शराब पुलिस के कब्जे से चोरी हुई है। इस मामले में गठित एसईटी जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा दोषियों को सजा दिलाने की है, इसीलिए एसईटी गठित की गई है।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह शराब पुलिस के कब्जे में थी। ऐसे में इसकी जिम्मेदारी पुलिस की बनती है। आबकारी विभाग द्वारा समय-समय पर इसकी निगरानी की जानी थी। एक गोदाम में तो 2016 की शराब रखी थी। इसकी निगरानी रखी गई की नहीं इसका पता लगाया जाएगा। उस समय कौन-कौन लोग डीईटीसी रहे और उनकी इसमें क्या भूमिका रही। माल संभाला या नहीं इसकी जांच की जाएगी। आबकारी विभाग के अधिकारियों डीईटीसी व निरीक्षकों का फर्ज बनता था कि समय-समय पर स्टॉक की जांच करते।