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जींद-रोहतक मार्ग से मिट्टी हटाने पहुंचे लोग, सप्ताहभर में बनवाने का मिला आश्वासन

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किलाजफरगढ़ गांव में ग्रामीणों से बात करते प्रशासनिक अधिकारी। संवाद - फोटो : Jind
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जुलाना। किलाजफरगढ़ गांव में जींद-रोहतक मार्ग पर अंडरपास की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना 35 दिनों से चल रहा है। उन्होंने प्रशासन को 10 अक्तूबर तक का अल्टीमेटम दिया था। सोमवार को सुबह ही ढोल के साथ गांव में मुनादी करवाई गई कि सभी ग्रामीण महिलाओं समेत गांव के अस्पताल में धरनास्थल पर पहुंचें। ग्रामीण इसके बाद जींद-रोहतक मार्ग से मिट्टी हटाने पहुंचे। हालांकि एक सप्ताह में समस्या का समाधान कराने की बात पर वो मान गए।
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सूचना पाकर एसडीएम दलबीर सिंह, डीएसपी धर्मबीर खर्ब, नायब तहसीलदार प्रतीक कुमार व जुलाना थाना प्रभारी समरजीत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। ग्रामीण डीसी को मौके पर बुलाने पर अड़ गए। ग्रामीणों और प्रशासनिक अधिकारियों की जद्दोजहद तीन घंटे तक चली।
गांव के सरपंच कुलदीप सिंह ने कहा कि बच्चों को जान जोखिम में डालकर सड़क को पार करके स्कूल जाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। कई बार स्कूल के आगे अंडरपास की मांग को लेकर उच्चाधिकारियों से भी गुहार लगाई गई, लेकिन ग्रामीणों को खाली आश्वासन ही मिला। कई बार तो स्कूल जाते समय बच्चों के साथ हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। ग्रामीणों की मांग है कि जींद-रोहतक मार्ग पर स्कूल के पास अंडरपास बनाया जाए। ग्रामीण पूरी तैयारी के साथ जेसीबी और ट्रैक्टरों के साथ धरनास्थल पर पहुंचे, लेकिन 10 बजे से पहले ही प्रशासनिक अमला भारी पुलिस बल के साथ गांव में पहुंचा और तीन घंटे की जद्दोजहद के और डीसी और प्रोजेक्ट डायरेटर से ग्रामीणों की बात के बाद एक सप्ताह में समाधान का आश्वासन मिलने के बाद वे मान गए। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नही हो जाती धरना जारी रहेगा।
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जींद के एसडीएम दलबीर सिंह ने बताया कि डीसी और एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्ट से ग्रामीणों के एक दल को मिलवाया जाएगा और समस्या का समाधान करवाया जाएगा। ग्रामीण अधिकारियों के आश्वासन से सहमत हो गए और मिट्टी को नहीं हटाया गया।
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