जींद। बढ़ती गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच स्वास्थ्य विभाग ने भीषण गर्मी और पर्यावरण संरक्षण को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी कर ली है। दो जून को हीट एक्शन डे और पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को गर्मी से होने वाली बीमारियों, उनके लक्षणों और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार नागरिक अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों को लू, डिहाइड्रेशन और गर्मी जनित बीमारियों से बचाव की जानकारी दी जाएगी।
स्वास्थ्य कर्मियों को भी ऐसे मामलों की समय पर पहचान और उपचार के लिए सतर्क रहने को कहा गया है। दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि वर्तमान में प्रदेश में तापमान लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सभी स्वास्थ्य संस्थानों को पर्याप्त पेयजल, आवश्यक दवाएं और प्राथमिक इलाज सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी।
इसके अलावा स्वास्थ्य कर्मचारियों को गर्मी से संबंधित बीमारियों की रिपोर्टिंग और प्रबंधन के संबंध में भी जागरूक किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की योजना के तहत गांवों, कस्बों और शहरी क्षेत्रों में जनजागरूकता रैलियां निकाली जाएंगी।
पोस्टर, पंपलेट और संदेशों के माध्यम से लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और बच्चों तथा बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाएगी।
वहीं पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अधिकारियों और कर्मचारियों को अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प दिलाया जाएगा।
वर्जन
स्वास्थ्य विभाग की ओर से निर्धारित सभी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा ताकि लोगों को जागरूक कर स्वास्थ्य जोखिमों को कम किया जा सके। आमजन को चाहिए कि वह गर्मी के मौसम में सावधानी बरतें और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
-डॉ. सुमन कोहली सीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।