संसद परिसर के बाहर स्मोग केन से कलर फैलाने के आरोप में पकड़ी गई हरियाणा के जींद जिले के घसो गांव की नीलम से मिलने के लिए उसके परिवार के लोग वीरवार को दिल्ली गए थे, लेकिन उनको मिलने नहीं दिया। नीलम से केवल उनके वकील को ही मिलने की अनुमति मिली है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि यदि नीलम से परिवार के लोगों को मिलना है तो अदालत से आदेश लाने होंगे।
विज्ञापन
दिल्ली से वापस आकर नीलम के भाई रामनिवास ने कहा कि उन्होंने नीलम से मिलने की कोशिश की थी, लेकिन उनको मिलने नहीं दिया गया। नीलम से केवल उनके वकील को ही मिलने की इजाजत दी गई। उन्होंने कहा कि नीलम ने कोई अपराध नहीं किया है। उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। उसने केवल बेरोजगार युवाओं की आवाज उठाई है। आज पढ़े-लिखे युवा रोजगार के लिए धक्के खा रहे हैं। ऐसे में बेरोजगारी के लिए आवाज उठाना गलत नहीं है।
रामनिवास ने कहा कि नीलम पर जो यूएपीए लगाया गया है, वह बिल्कुल गलत है। ऐसी संगीन धाराओं का प्रयोग आतंकवादियों के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी बहन पर लगाए गए यूएपीए को नहीं हटाया गया तो वह खाप पंचायतों से मदद लेकर आंदोलन की राह पकड़ेंगे। रामनिवास ने कहा कि अभी तक उनको एफआईआर की कॉपी भी नहीं मिली है।
विज्ञापन
तीन दिन पहले नीलम के घर दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने रात में दबिश दी थी। टीम ने पूरे घर को खंगाला था। पुलिस टीम नीलम की दो बैंक पासबुक, एक डायरी व कुछ किताबें साथ ले गई थी।