जींद। माजरा खाप पंचायत ने मिमिक्री को मुद्दा बना कर जाटों व खापों से जोड़ने की आलोचना की है। इस विषय का जाट समाज व खाप पंचायत से कोई सरोकार नही है।
माजरा खाप पंचायत के प्रधान गुरविंदर सिंह संधू, सचिव महेंद्र सिंह सहारण ने कहा कि खाप पंचायतें सभी समाजों को मिल कर बनाई जाती हैं। किसी एक समाज की नहीं होती हैं। इन्हें इस मुद्दे पर नहीं घसीटना चाहिए। कुछ खाप पंचायत के चौधरी राजनीति करते हैं, वो भी अपने स्वार्थ में चाहते हैं और अपनी रोटियां इस मुद्दे पर सेकना चाहते हैं, जो गलत है। प्रवक्ता समुंद्र सिंह ने कहा कि कुछ लोग इस हास्यव्यंग को जाट व खाप अपमान से जोड़कर राजनीति करना चाहते हैं जोकि सही नही है। किसान आंदोलन के दौरान किसानों को सरकार उपद्रवी, खालिस्तानी, आंदोलनजीवी बताती थी, वो अपमान था लेकिन उस समय किसी ने कुछ नही कहा। उन्होंने कहा कि जाटों व खापों का इस मुद्दे से कोई सरोकार नही है। उन्होंने उन खाप चौधरियों से भी आग्रह किया है जो इस मुद्दे को जाति से जोड़ कर राजनीति करना चाहते हैं।