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जींद: ब्रह्मसरोवर की तर्ज पर होगा पांडु-पिंडारा तीर्थ का सुंदरीकरण

Sun, 12 Feb 2023 04:48 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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पांडु-पिंडारा तीर्थ, जिसके पानी को ब्रह्म सरोवर की तर्ज पर बदला जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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जींद। जिला प्रशासन अब कुरुक्षेत्र के बह्मसरोवर की तर्ज पर महाभारतकालीन तीर्थ पांडु-पिंडारा तीर्थ का पानी बदलेगा। इससे पानी साफ रहेगा और अमावस्या पर पिंडदान करने के लिए आने वाले श्रद्धालु तीर्थ में डूबकी लगा सकेंगे। इसके अलावा रानी तालाब व श्री जयंती मंदिर की साफ-सफाई और सुधार के लिए डीसी डॉ. मनोज कुमार खुद अधिकारियों की टीम के साथ पांडु-पिंडारा तीर्थ, जयंती देवी मंदिर और रानी तालाब भूतेश्वर मंदिर में जाकर वहां की व्यवस्था का जायजा ले चुके हैं। इन तीनों धार्मिक स्थलों में व्यवस्था जींद एसडीएम कार्यालय के अधीन होती है। 20 फरवरी को सोमवती अमावस्या पर व्यवस्था के लिए जींद एसडीएम डॉ. पंकज कुमार ने गांव पिंडारा के सरपंच और पंचों की बैठक ली।
एसडीएम ने बताया कि प्रशासन का पूरा प्रयास रहेगा कि सोमवती अमावस्या पर पांडु-पिंडारा में श्रद्धालुओं को अच्छी व्यवस्था मिले, इसलिए इस बार जहां गोताखोर बुलाये गये हैं, वहीं आटे के पिंडदान से तालाब का पानी खराब ना हो, इसके लिए वहां ड्रम रखवाये जाएंगे। इससे पानी में ऑक्सीजन बरकरार रहेगी और मछलियां नहीं मरेगी। अमावस्या से पहले तीर्थ के तालाब में पानी आ जाएगा। इसके साथ योजना बनाई जा रही है कि तीर्थ के तालाब का पानी स्वच्छ रहे, उसके लिए इस पानी को निकालने के लिए वाटर पम्प की सहायता ली जाएगी। इस पानी को नहर में ही छोड़ा जाएगा। कुरूक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर में पानी का स्वच्छ रखने के लिए ऐसा ही प्रयोग किया जाता है। पिंडारा स्थित आश्रम और धर्मशालाओं के संचालक यदि एक -एक हजार रुपये प्रति माह भी व्यवस्था के लिए देते हैं तो काफी हद तक तीर्थ को साफ-सुथरा रखने में मदद मिलेगी।
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रानी तालाब मंदिर में बूथों का किराया नहीं देने वाले संचालकों पर कसेगा शिकंजा
रानी तालाब मंदिर और परिसर में व्यवस्था जमाने के लिए प्रशासन ठोस कदम उठाने जा रहा है। इसके लिए जहां रानी तालाब परिसर में दो चौकीदारों की तैनाती की योजना है तो वहीं बूथों का किराया नहीं देने वालों पर शिकंजा कसने की कवायद शुरू कर दी गई है। परिसर में बने चार बूथों में से दो संचालक किराये पर कुंडली मारे हुए हैं, इसलिए प्रशासन ने उन्हें लाइन में लाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके अलावा रानी तालाब मंदिर, परिसर और परिक्रमा में आने के लिए केवल दो ही रास्ते तय करने की तैयारी चल रही है।
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पांडु-पिंडारा तीर्थ समेत रानी तालाब और श्री जयंती मंदिर के सुधारीकरण के प्रयास किए जा रहे हैं। पांडु-पिंडारा तीर्थ का पानी कुरुक्षेत्र बह्म सरोवर की तर्ज पर बदला जाएगा। सोमवती अमावस्या को लेकर प्रशासन की पूरी तैयारियां रहेगी।
-डॉ. पंकज सिंह, एसडीएम, जींद।
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